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भारत की चीन को दो-टूक, कहा- आतंकियों के खिलाफ जमीनी स्तर पर करे कार्रवाई

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 22 , 2017 , 12:57 IST

चीन और भारत ने अपने मौजूदा मतभेदों को सुलझाने के लिए चल रही बातचीत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बुधवार को रणनीतिक वार्ता की। एनएसजी में सदस्यता को लेकर भारत की दावेदारी और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध को समर्थन देने को लेकर बीजिंग की अनिच्छा के कारण दोनों देशों के बीच मतभेद चल रहा है। इस वार्ता से ठीक पहले विदेश सचिव एस जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत की।

वांग ने वार्ता के सह-अध्यक्ष जयशंकर का स्वागत करते हुए कहा कि चीन और भारत दुनिया में अहम राष्ट्र होने के अलावा दो बड़े विकासशील देश और उभरते बाजार हैं। वार्ता से पहले दोनों ओर के अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण मुद्दों पर की गई उच्च स्तरीय वार्ताओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा,

हमें अक्सर बैठकें करनी चाहिए। आधिकारिक स्तर की बैठकों ने ‘सफल रणनीतिक वार्ता’ के लिए बहुत अच्छी नींव रखी है। चीनी पक्ष इस वार्ता को महत्व देता है।

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वांग ने कहा,

मुझे यकीन है कि इस रणनीतिक वार्ता का स्तर बढ़ाकर दोनों ही पक्ष अपने रणनीतिक संवाद को बढ़ाने, गलतफहमियां कम करने, अधिक विश्वास बनाने और हमारे रणनीतिक सहयोग को गहराने में समर्थ होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह हम अपने द्विपक्षीय संबंधों की क्षमताओं का बेहतर ढंग से दोहन कर सकते हैं और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर सकते हैं। जयशंकर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘‘यह पहली बार है, जब नए सिरे से शुरू हुई रणनीतिक वार्ता हो रही है।

परमाणु निरस्त्रीकरण मुद्दों के प्रभारी समेत दोनों ओर से कई शीर्ष अधिकारी वार्ता में मौजूद थे। इससे यह संकेत मिल रहा था कि दोनों ही पक्ष परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत के प्रवेश समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच ये वार्ताएं इनके बीच विभिन्न मुद्दों पर चल रहे तनाव के बीच हुईं। इनमें एक मुद्दा 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे पर भारत की चिंता का है। एक मुद्दा एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत के आवेदन और अजहर मसूद पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध का चीन द्वारा समर्थन न किया जाना है।

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इस रणनीतिक वार्ता को पिछले साल चीनी विदेश मंत्री यी के नए दिल्ली के दौरे के दौरान नया रूप दिया गया था। चीन ने झांग को इन वार्ताओं की सहअध्यक्षता के लिए नियुक्त किया है। झांग चीनी विदेश मंत्रालय में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की समिति के अध्यक्ष भी हैं। चीन में भारतीय राजदूत रह चुके जयशंकर ने बुधवार की वार्ता से पहले चीन के शीर्ष राजनयिक यांग जाइची से भी मुलाकात की और अहम मुद्दों पर चर्चा की।


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