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टीम इंडिया के इन पांच खिलाड़ियों ने इंग्लैंड में डुबो दी नैया...

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 3 , 2018 , 12:30 IST

इंग्लैंड के जमीन पर इतिहास रचने का एक और मौका भारतीय क्रिकेट टीम के हाथों से निकल गया। एक बार फिर से पूरी टीम ताश के पन्नों की तरह बिखर गई। सीरीज़ के चौथे मैच में मेजबान टीम के हाथों बुरी तरह हारने के बाद टीम इंडिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। कप्तान कोहली के बाद रहाणे ने बतौर बल्लेबाज और सभी गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

साल 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड में सीरीज जीत के बाद टीम इंडिया को यहां सीरीज जीतने की उम्मीद थी। तीसरे टेस्ट में जिस तरह से कोहली के धुरंधरों ने खेल दिखाकर मैच जीता, वह काबिलेतारीफ था और हर किसी को लगा कि चौथे टेस्ट में मामला बराबरी पर पहुंच सकता है।

लेकिन भारत की हार में इन पांच बल्लेबाजों की मुख्य भूमिका रही। ये पांच खिलाड़ी टीम के लिए कमज़ोर कड़ी साबित हुए।

1). शिखर धवन-:

बर्मिंघम टेस्ट में हार के बाद विराट कोहली ने शिखर धवन को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उसके बाद लॉर्ड्स में टीम की करारी हार के बाद शिखर को मुरली विजय की जगह टीम में शामिल किया। लेकिन उनका बल्ला तीसरे टेस्ट के बाद अब चौथे टेस्ट में भा नाकाम हो गया। रविवार को चौथी पारी में वो केवल 17 रन बना सके जब टीम को 245 रन के लक्ष्य का पीछा करते उनसे अच्छा पारी की दरकार थी।

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पहली पारी में भी 23 रन बनाने के बाद उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया। ऐसे में दोनों पारियों में भारतीय ओपनिंग पेयर का खराब प्रदर्शन टीम इंडिया की हार का कारण बना।मौजूदा सीरीज में शिखर का खराब फॉर्म जारी है। हालांकि वो शुरुआत हासिल करने में सफल रहे हैं लेकिन उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके हैं। शिखर ने सीरीज में खेले 3 मैच की 6 पारियों में 26.33 की औसत से 158 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर 44 रन रहा है। वो अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके।

2). लोकेश राहुल-:

कप्तान विराट कोहली के सबसे चहेते खिलाड़ियों में शुमार लोकेश राहुल ने पूरी सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। विराट ने चेतेश्वर पुजारा जैसे अनुभवी खिलाड़ी को टीम से बाहर रखते हुए सीरीज के पहले टेस्ट में राहुल को खिलाया। लेकिन तब से लेकर अब तक राहुल लगातार निराश करते आए हैं। उनका खराब फॉर्म चौथे टेस्ट में भी जारी रहा।

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पहली पारी में राहुल 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गए और महज 37 के स्कोर पर भारत ने पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद दूसरी पारी में तो वो अपना खाता भी नहीं खोल सके और महज 4 के स्कोर पर टीम इंडिया ने पहला विकेट गंवा दिया। ऐसी खराब शुरुआत के बाद टीम से जीत के लिए 245 रन का स्कोर हासिल करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती।

राहुल ने मौजूदा सारीज में अब तक खेल 4 टेस्ट की 8 पारियों में 14.12 की औसत से महज 113 रन बनाए हैं। मौजूदा सीरीज में उनका सर्वाधिक स्कोर 36 रन है जो उन्होंने नॉटिंघम में बनाया था। उनके बल्ले से अब तक एक अर्धशतक भी नहीं निकला है।

3). हार्दिक पंड्या-:

नॉटिंघम टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद भारत की दूसरी पारी में अर्धशतक जड़ने वाले हार्दिक पंड्या चौथे टेस्ट में विलेन बन गए। मैच में वो गेंद और बल्ले दोनों से कमाल नहीं दिखा सके। इसका खामियाजा टीम को हार के रूप में मिला। हार्दिक ने चौथे टेस्ट की पहली पारी मे 1 विकेट लिया जबकि दूसरी में कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। वहीं बल्लेबाजी में पहली पारी में 4 और दूसरी में वो खाता भी नहीं खोल सके जब टीम को उनसे अच्छे प्रदर्शन की आशा थी।

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अगर वो थोड़ी देर दूसरी पारी में पिच पर टिक जाते तो मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी अपने कंधों पर नहीं ली और टीम इंडिया ने मैच के साथ सीरीज गंवा दी। मौजूदा सीरीज में हार्दिक ने 4 टेस्ट में बल्लेबाजी में 23.42 की औसत से 164 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 52 है जो उन्होंने नॉटिंघम में बनाया था।

वहीं गेंदबाजी में उन्होंने इतने ही टेस्ट में 24.70 की औसत से 10 विकेट चटकाए हैं। नॉटिंघम में उनके प्रदर्शन को छोड़ दिया जाए तो अबतक वो बतौर ऑलराउंडर सीरीज में असफल रहे हैं और कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। इसी वजह से वो चौथे टेस्ट में हार के बाद विलेन बन गए हैं।

4 और 5वां:(दिनेश कार्तिक/ऋषभ पंत)-:

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दिनेश कार्तिक को रिद्धीमान साहा के चोटिल होने के कारण टीम में लाया गया। लेकिन अच्छी फॉर्म और अनुभव होने के बावजूद कार्तिक ने निराश किया। कार्तिक को शुरुआती दो मैचों में मौका दिया गया, जिसमें उन्होंने ना के बराबर ही रन बनाए. जिसके बाद युवा ऋषभ पंत को टीम में लाया गया, उन्होंने बतौर विकेटकीपर तो अच्छा रोल निभाया। लेकिन बल्लेबाज के तौर पर भी वह फेल ही रहे।

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