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कैदियों को स्वदेश लाने की तैयारी, 20 डॉक्टरों की टीम जा सकती है पाकिस्तान

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 26 , 2018 , 09:52 IST

भारत और पाकिस्तान तनाव कम करने के लिए एक ऐसे प्रस्ताव पर बात कर रहे हैं जिसके तहत 20 डॉक्टरों की टीम पाकिस्तान जाएगी।ह टीम पाक जेल में बंद भारतीय बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिमागी तौर पर बीमार कैदियों की जांच करेगी।

दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद से यह कैदी स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहे हैं। दोनों देशों में डॉक्टरों को वीजा देने की बात पर चर्चा चल रही है लेकिन राजनयिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों और विशेषज्ञों को वीजा देने के लिए तैयार नहीं है। भारत ने पड़ोसी देश के साथ तनाव कम करने के लिए इस मामले पर अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।

भारत ने पाक के सामने रखी चार शर्ते-

- जिसमें भारतीय राजनयिकों को परेशान करने पर रोक लगाना
- उच्चायुक्त अजय बिसारिया को इस्लामाबाद से बाहर जाने की अनुमति देना
-इस्लामाबाद में भारतीय रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बनाए
- राजनयिकों को इस्लामाबाद क्लब की सदस्यता दें

सुषमा ने 2017 में रखा था ये प्रस्ताव-

भारत सरकार के लिए यह आवश्यक है कि वह पाक की जेलों में बंद कैदियों का परीक्षण करके उन्हें वतन वापस लेकर आए। अक्टूबर 2017 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान उच्चायुक्त सोहेल महमूद के साथ मानवीय आधार को लेकर हुई वार्ता में यह प्रस्ताव रखा था। स्वराज ने प्रस्ताव में कहा था कि दोनों देश मानवीय आधार पर बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिमागी रूप से बीमार कैदियों को एक दूसरे को सौंप दें। राजनयिक विवाद के बीच 7 मार्च को यह सूचना मिली कि पाक ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

दोनों देशों ने पिछले कुछ हफ्तों में अपने डिप्लोमैट्स के साथ दुर्व्यवहार होने की शिकायत की है। पाकिस्तान चाहता है कि दिल्ली और इस्लामाबाद में शांतिपूर्वक निर्माण कार्य करवाने के लिए भारत प्रोटोकॉल पर साइन करे। सूत्रों के मुताबिक क्लब मेंबरशिप के मामले में इस्लामाबाद कोई समझौता नहीं करने वाला है।


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