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पटरी पर लौटी भारतीय अर्थव्यवस्था, 2018-19 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 8.2 फीसदी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 31 , 2018 , 20:16 IST

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 8.2 फीसदी आंकी गई है। मैन्यूफैक्चरिंग और फार्म सेक्टर के बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से ऐसा मुमकिन हुआ है। बीते तीन साल के दौरान रिकॉर्ड की गई यह सर्वाधिक विकास दर है। यह पिछले 2 सालों में सबसे ऊंची विकास दर है। शुक्रवार को सरकार ने जीडीपी के आंकड़े जारी किए।

पिछली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 प्रतिशत थी, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.59 प्रतिशत थी। मैन्यूफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिसिटी, गैस, वॉटर सप्लाइ व अन्य यूटिलिटी सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन, डिफेंस और अन्य सेवाओं ने 7 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की है।

2011-12 की स्थिर कीमतों के आधार पर 2018-19 की पहली तिमाही में देश की आनुमानित जीडीपी 33.74 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो पिछले साल की पहली तिमाही में 31.18 लाख करोड़ रुपये थी। इस तरह 8.2 प्रतिशत की ग्रोथ रेट दर्ज हुई है। बता दें कि सरकार ने 2015 में जीडीपी गणना के लिए बेस इयर को 2004-05 से बदलकर 2011-12 कर दिया था।

केन्द्र सरकार के सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कोर सेक्टर की ग्रोथ में गिरावट देखने को मिली है। जहां जुलाई में कोर सेक्टर ग्रोथ 6.6 फीसदी आंकी गई वहीं, माह दर माह के आधार पर कोर इंडस्ट्री ग्रोथ 7.6 फीसदी से घटकर 6.6 फीसदी हो गई। वहीं जून में कोर सेक्टर ग्रोथ 6.7 फीसदी से संशोधित कर 7.6 फीसदी की गई थी।

केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक माह दर माह के आधार पर जुलाई में कोयला उत्पादन की ग्रोथ 11.5 फीसदी से घटकर 9.7 फीसदी पर पहुंच गई. वहीं, जुलाई में कच्चे तेल के उत्पादन की ग्रोथ 3.4 फीसदी से बढ़कर 5.4 फीसदी पर पहुंच गई।

जुलाई के दौरान नैचुरल गैस उत्पादन की ग्रोथ 2.7 फीसदी से बढ़कर 5.2 फीसदी पर पहुंच गई वहीं, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स उत्पादन की ग्रोथ 12.1 फीसदी से बढ़कर 12.3 फीसदी पर आंकी गई है। इस दौरान फर्टिलाइजर्स उत्पादन की ग्रोथ 1 फीसदी से बढ़कर 1.3 फीसदी आंकी गई तो माह दर माह के आधार पर स्टील उत्पादन की ग्रोथ 3.4 फीसदी से बढ़कर 6 फीसदी आंकी गई।

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केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सीमेंट उत्पादन की ग्रोथ में गिरावट दर्ज हुई है जो कि 13.2 फीसदी से घटकर जुलाई के दौरान 10.8 फीसदी पर पहुंच गई। इसके साथ ही देश में बिजली उत्पादन की ग्रोथ को भी झटका लगा है और जुलाई के दौरान 8.4 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी दर्ज हुई है।


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