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UN ने कहा कश्मीर में हो रहा मानवाधिकारों का उल्लंघन, भारत बोला झूठे हैं आरोप

दीपक गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 14 , 2018 , 21:21 IST

कश्मीर में मानवाधिकार पर संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय यानी OHCHR की ओर से जारी पहली रिपोर्ट को भारत ने भ्रामक, पक्षपातपूर्ण व प्रायोजित करार देते हुए खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत रिपोर्ट को खारिज करता है। यह भ्रामक, पक्षपातपूर्ण व प्रायोजित है। हमारा सवाल ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित करने की मंशा को लेकर है।

रवीश कुमार ने कहा कि इसमें बगैर जांच-परख के सूचनाएं एकत्रित की गई हैं और यह पूरी तरह पूर्वाग्रह से ग्रसित है और इसमें झूठी कहानी गढ़ी गई है। कुमार ने कहा कि रिपोर्ट में भारत की संप्रभुता और प्रादेशिक एकता का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

रवीश कुमार ने कहा पाकिस्तान ने हमला करके भारतीय राज्य का एक हिस्सा अवैध तरीके से बलपूर्वक कब्जा कर लिया है। हमने बार-बार पाकिस्तान को उसके द्वारा अधिकृत क्षेत्र को खाली करने को कहा है। कुमार ने कहा रिपोर्ट में भारतीय क्षेत्र का गलत विवरण हानिकर,  भ्रामक और अस्वीकार्य है। आजाद जम्मू-कश्मीर और गिलगिट-बाल्टिस्तान का कोई अस्तित्व नहीं है।

बता दें कि आज जेनेवा से एक बयान जारी किया गया जिसके अनुसार ओएचसीएचआर द्वारा प्रकाशित 49 पन्नों की रिपोर्ट में लाइन ऑफ कंट्रोल के दोनों ओर मानवाधिकार के उल्लंघन के विवरण हैं। रिपोर्ट में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे मानवाधिकार के उल्लंघन से का जिक्र है। जिसे भारत ने खारिज कर दिया है।

संयुक्त मानवाधिकार उच्चायुक्त जैद राद अल हुसैन ने एक बयान में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का राजनीतिक आयाम काफी समय से अहम रहा है लेकिन समय के साथ अंत होने वाला विवाद नहीं है। इस विवाद ने लाखों लोगों को मौलिक मानवाधिकार से अलग कर दिया है और आज भी लोग पीड़ा झेल रहे हैं।

जैद राद अल हुसैन ने अपने बयान में श्रीनगर की कई घटनाओं समेत हाल के दिनों के गंभीर तनाव का जिक्र करते हुए भारतीय सुरक्षा बलों से ज्यादा से ज्यादा निग्रह बरतने और भविष्य में विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के लिए बल प्रयोग करने में अंतर्राष्ट्रीय मानकों का पालन करने की अपील की है। कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग करने के कई उदाहरणों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए भारतीय प्राधिकारों की ओर से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत की सलाह दी है।

पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार रिपोर्ट को सही करार देते हुए बातचीत के जरिए मलसे को सुलझाने की बात कही है।


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