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WEF 18 अपडेट: दावोस में पीएम मोदी, बोले- डेटा ही है दुनिया का भविष्य

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 23 , 2018 , 16:26 IST

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम को संबोधित कर रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े मंच से पीएम मोदी ने दुनिया के लीडरों को संबोधित करते कहा कि दुनिया का हालत सुधरना WEF का एजेंडा है। 1997 में भी दावोस दुनिया में अपने समय से आगे था और अभी भी दुनिया में दावोस सभी से आगे है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दावोस में भारत की शुरुआत 1997 में हुई थी जह तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा दावोस पहुंचे थे। तब से लेकर अब तक भारत की जीडीपी 6 गुना हो चुकी है। उस वक्त इस मंच का स्लोगन था बिल्डिंग दि नेटवर्क सोसाइटी। आज हम सिर्फ नेटवर्क सोसाइटी ही नहीं बल्कि बिग डेटा, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के युग में जी रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1997 में बहुत कम लोगों ने ओसामा बिन लादेन का नाम सुना था और कंप्यूटर से हारने का डर शतरंज के खिलाड़ियों में नहीं था। उस वक्त इंटरनेट पर आपको जंगल और नदियों के बारें में जानकारी मिलती थी। आज दो दशकों के बाद हमारा समाज एक जटिल नेटवर्क से बंधा है, उस वक्त भी दावोस अपने समय से आगे था और आज भी वह आगे है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में डेटा के बड़े पहाड़ तैयार हैं और उनके नियंत्रण की कोशिशें की जा रही है। माना जा रहा है कि जिसके पास डेटा का अधिकार होगा वहीं दुनिया के शीर्ष पर काबिज होगा।

उन्होंने कहा कि विज्ञान, तकनीकि और आर्थिक तरक्की के नए आयामों में समाज को आगे बढ़ाने का दम है लेकिन इससे मानवता को बांटने का काम भी किया है। इससे शांति और समृद्धि का संतुलन भी बिगड़ गया है।

गरीबी, बरोजगारी और प्राकृतिक संसाधनों के नियंत्रण की समस्या से पूरी दुनिया जूझ रही है। हमें सोचना है कि क्या हमारी अर्थव्यवस्था समाज में दरारों को तरजीह तो नहीं दे रही है।

हजारों साल पहले संस्कृति में लिखे ग्रंथों में भारतीय चिंतकों ने लिखा है कि वसुधैव कुटुंबकम यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। लिहाजा हम सब एक ही परिवार की तरह बंधे हुए हैं। हमें एक साझा सूत्र जोड़ती हैं। आज दुनिया में दरारों और दूरियों को मिटाने में वसुधैव कुटुंबकम की सोच बेहद कारगर है। लेकिन हमारे बीच सहमति का अभाव है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के सामने कोई साझा चुनौती आए तो सभी को एकजुट होकर उनका सामना करने की जरूरत है।

 


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