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INDvsWI: सीरीज कब्जा करने के इरादे से उतरेगी विराट 'आर्मी', राहुल पर होगी नजर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 11 , 2018 , 14:55 IST

इंडिया और विंडीज के साथ चल रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पहला टेस्ट जीतकर भारत पहले से ही बढ़त बना चुका है। इस मैच में भारत की गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजों ने भी जीत में अहम भूमिका निभाई। अब इसी क्रम में दूसरा टेस्ट शुक्रवार से हैदराबाद में खेला जाएगा। एक तरफ भारत अगले मैच को जीत सीरीज फतह करने की सोच से उतरेगा तो वहीं मेहमान टीम की नजर इस मैंच को जीत सीरीज बराबर करने के उद्देश्य से उतरेगा।

फिट नहीं हैं जेसन होल्डर-:

भारत ने राजकोट में पहला टेस्ट मैच पारी और 272 रन के रेकॉर्ड अंतर से जीता था। दूसरे टेस्ट से पहले भी वेस्टइंडीज के लिए अच्छी खबर नहीं है। टीम के कप्तान जैसन होल्डर अब भी शत प्रतिशत फिट नहीं हैं तथा उनके एकमात्र उपयोगी तेज गेंदबाज शैनन गैब्रियल का भी खेलना संदिग्ध है।

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छोटे टीमों के साथ अभ्यास क्या उचित-:

भारत ने दूसरी तरफ पहला टेस्ट मैच तीन दिन में जीतने वाली अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। वैसे भारत के लिये ऑस्ट्रेलिया दौरे को ध्यान में रखते हुए एकतरफा मुकाबले आदर्श नहीं कहे जाएंगे। इससे पहले 2011 में भारत ने वेस्ट इंडीज को एकतरफा सीरीज में 2-0 से हराया था लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे में उसे 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था।

इसी तरह से 2013 में भी भारत ने दोनों टेस्ट मैच तीन दिन के अंदर जीत लिए थे लेकिन इसके बाद साउथ अफ्रीका के दौरे में इसका कोई फायदा नहीं मिला जिसे भारतीय टीम ने गंवा दिया था। इससे पता चलता है कि वेस्ट इंडीज की टेस्ट टीम पिछले कुछ वर्षों से प्रतिस्पर्धी नहीं रही जो भारतीय टीम को पर्याप्त चुनौती दे सके।

किसी भी परिस्थिती में रन बना सकते हैं विराट-:

भारत वैसे भी अपनी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। इस तरह के मुकाबले में किसी भी खिलाड़ी के लिये खुद को प्रेरित करना चुनौती होती है और कप्तान विराट कोहली ने पिछले मैच में 139 रन बनाकर दिखाया था कि वह किसी भी तरह के मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।

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अठारह वर्षीय पृथ्वी शॉ ने पदार्पण टेस्ट में शतक लगाकर उम्मीद के मुताबिक सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा लेकिन कोहली की पारी इसलिए बेजोड़ थी क्योंकि इससे उन्होंने दिखाया कि किस तरह से एक अन्य तरह की चुनौती के लिए खुद को तैयार करना होता है।

चिंता का विषय अंजिक्य रहाणे का फॉर्म-:

वेस्टइंडीज की गेंदबाजी की तुलना भारत की किसी कमजोर प्रथम श्रेणी टीम से की जा सकती है। वह बेदम है और इसलिए भारतीयों को फिर से बड़ा स्कोर खड़ा करने में दिक्कत नहीं आनी चाहिए जबकि पिच भी इसके अनुरूप लगती है। भारत के लिए एकमात्र चिंता का विषय अंजिक्य रहाणे की फॉर्म है जो पिछले 14 महीनों से टेस्ट मैचों में शतक नहीं लगा पाए हैं। वह ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले फॉर्म में वापसी करने की पूरी कोशिश करेंगे।

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नहीं चल पा रहे केएल राहुल -:

केएल राहुल लगातार लचर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उन्हें इस मैच में बनाये रखने का मतलब है कि भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह दिसंबर से एडिलेड में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में राहुल-शॉ की सलामी जोड़ी के साथ उतरना चाहता है।

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शार्दुल ठाकुर फिर से 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभाएंगे। मोहम्मद शमी और उमेश यादव भी इस मौके का फायदा उठाना चाहेंगे क्योंकि उन्हें वनडे टीम में जगह मिलने की संभावना नहीं है। जहां तक वेस्टइंडीज का सवाल है तो वह भारत को कुछ चुनौती पेश करने की कोशिश करेगा। पहले टेस्ट मैच में केवल कीरेन पावेल और रोस्टन चेज ही भारतीय आक्रमण का कुछ देर तक सामना कर पाये थे। उसके बल्लेबाजों को धैर्य बनाये रखने की जरूरत है जो कि पहले मैच में नहीं दिखा था।

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टीमें इस प्रकार हैं :

भारत (अंतिम 12) :

विराट कोहली (कप्तान), पृथ्वी शॉ, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर।

वेस्टइंडीज :

जेसन होल्डर (कप्तान), सुनील एम्ब्रिस, देवेंद्र बिशू, क्रेग ब्रैथवेट, रोस्टन चेज, शेन डोवरिच, शैनन गैब्रियल, जहमर हैमिल्टन, शिमरोन हेटमायर, शाई होप, अलज़ारी जोसेफ, कीमो पॉल, कीरेन पॉवेल, केमार रोच, और जोमेल वारिकन।


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