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INSV तारिणी ने पार किया सागर परिक्रमा का सबसे मुश्किल प्वाइंट, देश बोला गर्व है...

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 19 , 2018 , 17:09 IST

समंदर के रास्ते दुनिया की परिक्रमा पर निकलीं नेवी की 6 महिला अफसरों ने चिली में सफर का सबसे मुश्किल केप हॉर्न प्वाइंट पार कर लिया है। इस मौके पर क्रू मेंबर्स ने तिरंगा फहराया। नेवी स्पोक्सपर्सन ने तस्वीरें ट्वीट कर महिला अफसरों की इस कामयाबी को देश का गौरव बढ़ाने वाला लम्हा बताया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी INSV तारिणी की टीम को बधाई दी। नेवी की महिलाओं अफसरों ने दुनिया का चक्कर लगाने के लिए पिछले साल सितंबर में पणजी से यात्रा शुरू की थी। मार्च में टीम मिशन पूरा कर भारत लौटेगी।

मोदी ने कहा- महिला क्रू की कामयाबी पर गर्व

नेवी ने ट्वीट में बताया कि सेलबोट के केप हॉर्न पार करते समय समुद्र में 70 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं।

क्यों मुश्किल है केप हॉर्न?

सदर्न चिली के पास होर्नोस आइलैंड पर मौजूद केप हॉर्न पर ही एटलांटिक और पैसिफिक ओशियन मिलते हैं। केप हॉर्न में तेज हवाएं, मजबूत बहाव और आइसबर्ग की वजह से इसे शिप्स का कब्रिस्तान कहा जाता है। 1914 में पनामा कैनाल खुलने के बाद केप हॉर्न के आसपास से शिप्स ले जाना कम कर दिया।

 का झूठ बेनक़ाब (6)

सितंबर में रवाना हुई थी तारिणी टीम

10 सितंबर, 2017 को महिला अफसरों की टीम सागर परिक्रमा पर रवाना हुई थी। डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने गोवा के पणजी में उन्हें हरी झंडी दिखाकर दिखाई थी। 

परिक्रमा 5 फेज में पूरी होगी

सागर परिक्रमा 5 फेज में पूरी होगी। इस दौरान टीम राशन और शिप की मरम्मत के लिए चार बंदरगाहों फ्रेमन्‍टल (ऑस्‍ट्रेलिया), लिटलेटन (न्‍यूजीलैंड), पोर्ट स्‍टेनले (फॉकलैंड्स) और केपटाउन (दक्षिण अफ्रीका) पर रुकेगी। दुनिया का चक्कर लगाते हुए मार्च, 2018 में भारत लौटेगी।

पहला शिप, जिसकी सभी क्रू महिलाएं

बता दें कि, आईएनएसवी तारिणी दुनिया का पहला इंटरनेशनल शिप है, जिसकी सभी क्रू-मेंबर महिलाएं हैं। भारत में बने इस शिप की लंबाई 55 फीट है। इसे 2016 में नेवी में शामिल किया गया।
शिप की कमान लेफ्टिनेट कमांडर वर्तिका जोशी के हाथों में होगी। टीम में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी. स्‍वाति और लेफ्टिनेंट एस. विजया देवी, बी. एेश्‍वर्या और पायल गुप्‍ता शामिल हैं।

 


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