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INS अरिहंत का पहला गश्ती अभियान पूरा, पीएम मोदी बोले- न भारत छेड़ता है, न छोड़ता है

राजू झा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 5 , 2018 , 16:20 IST

सोमवार को देश की पहली परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत (INS Arihant) ने अपना पहला गश्ती अभियान पूरा किया। मौके पर मौजूद पीएम नरेन्द्र मोदी ने आईएनएस को देश को समर्पित करते हुए इसे धनतेरस का तोहफा करार दिया। पीएम मोदी ने कहा, 'अरिहंत का अर्थ है, दुश्मन को नष्ट करना।' उन्होंने कहा कि आईएनएस अरिहंत सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए सुरक्षा की गारंटी जैसा है। पीएम मोदी ने कहा, 'यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। यह भारत के दुश्मनों और शांति के दुश्मनों के लिए खुली चुनौती है कि वे कोई दुस्साहस न करें। यह न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग को जवाब है।'

क्या है आईएनएस अरिहंत की खासियत

आईएनएस अरिहंत जल, थल और नभ में मार करने में सक्षम है। इसे न्यूक्लियर ट्रायड भी कहा जाता है यानी तीन स्तरों पर परमाणु सुरक्षा। भारत के पास जमीन से लंबी दूरी के लक्ष्यों को निशाना बनाने वाली अग्नि मिसाइलें काफी पहले से मौजूद थीं। इसके अलावा, न्यूक्लियर वॉरहेड ढो सकने में सक्षम फाइटर एयरक्राफ्ट्स भी थे। कमी केवल समुद्र से परमाणु हमले के मोर्चे पर थी।

वही पीएम मोदी ने बिना चीन और पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि हमारे पड़ोस में परमाणु हथियारों की बढ़ोतरी के बीच देश में विश्वसनीय परमाणु क्षमता बहुत जरूरी है। अरिहंत के जरिए हम चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगे और करारा जवाब दे सकेंगे। अरिहंत सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए सुरक्षा की गारंटी जैसा है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और हर भारतीय का मस्तक एक बार फिर से ऊंचा हो जाता है। देश के सवा करोड़ भारतीयों को अरिहंत की सफलता पर बधाई देता हूं। अरिहंत से जुड़े दल को भी मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। देश की सुरक्षा के लिए आपने अपने अभियान को पूरा किया। पीएम मोदी ने कहा कि न्यूक्लियर ट्राइऐंगल की स्थापना पर मुझे पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. ए.पी.जे. अबुल कलाम आजाद याद आते हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि अरिहंत आने वाले भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा, 'भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन कोई भारत को छेड़े तो उसे छोड़ता नहीं। हमारा प्रमाणु प्रसार आक्रमण का हिस्सा नहीं है, लेकिन सुरक्षा का उपकरण है। शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए हमारी परमाणु क्षमता बहुत महत्व रखती है।'

विश्व शांति के लिए भारत का योगदान अग्रणी रहा है और आगे भी रहेगा। दुनिया जानती है और उसे भरोसा है कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु हस्ती है। आपकी सुरक्षा निर्भयता का संदेश लेकर आती है। मैं आप सबको अनेकों बधाई देता हूं।

INS अरिहंत की ये हैं खास बातें

- जल, थल और नभ में परमाणु मिसाल दागने में सक्षम
- 6000 टन है INS अरिहंत का वजन
- अरिहंत में 750 KM और 3500 KM की मिसाइलें शामिल
- कलाम के नाम पर मिसाइलों को मिला कोडनेम 'K'
- 15 मिसाइलें 750 किमी तक मार करने में सक्षम
- 4 बलिस्टिक मिसाइलें करेंगी 3,500 किमी तक मार


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