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किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है, भट्ट साहब की जिंदगानी ( महेश भट्ट स्पेशल)

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 20 , 2017 , 11:20 IST

बुधवार को भारतीय फिल्‍म निर्देशक, निर्माता और स्‍क्रीनराइटर महेश भट्ट का जन्मदिन है। उनके शुरूआती निर्देशन करियर के दौरान उन्‍होंने कई बहुप्रशंसित फिल्‍में दी हैं जैसे अर्थ, सारांश, जानम, नाम, सड़क, जख्‍म। वे अब ज्‍यादातर फिल्‍मों में निर्माता और लेखक की भूमिका निभाते हैं और बॉक्‍स ऑफिस पर कमाई करने वाली फिल्‍मों में काम करते हैं जैसे जिस्‍म, मर्डर, वो लम्‍हे। उनके प्रोडक्‍शन विशेष फिल्‍म की यह खासियत है कि उनके बैनर तले बनी फिल्‍मों के गाने सुपरहिट होते हैं और उनका संगीत अन्‍य से काफी अलग और कर्णप्रिय होता हैं। भट्ट हमेशा नए टैलेंट को बढ़ावा देते हैं। 

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महेश का जन्‍म 20 सितम्बर 1948 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम नानाभाई भट्ट और मां का नाम शिरीन मोहम्‍मद अली है। भट्ट के पिता गुजराती ब्राह्मण थे और उनकी मां गुजराती शिया मुस्लिम थीं। उनके भाई मुकेश भट्ट भी भारतीय फिल्‍म निर्माता हैं। उनकी स्‍कूली पढ़ाई डॉन बोस्‍को हाई स्‍कूल, माटुंगा से हुई थी। स्‍कूल के दौरान ही उन्‍होंने पैसा कमाने के लिए समर जॉब्‍स शुरू कर दी थी। उन्‍होंने प्रोडक्‍ट एडवरटीजमेंट्स भी बनाए।

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उन्‍होंने किरन भट्ट (लॉरेन ब्राइट) से शादी की थी जिनसे उनकी मुलाकात स्‍कूल के दौरान ही हुई थी। इनके दो बच्‍चे हैं- पूजा भट्ट और राहुल भट्ट। उनके किरन के साथ रोमांस से ही प्रेरित होकर उन्‍होंने फिल्‍म 'आशिकी' बनाई लेकिन शुरूआती करियर में आई कठिनाईयों और परवीन बॉबी से चले उनके अफेयर की वजह से यह शादी ज्‍यादा दिनों तक नहीं टिक पाई। बाद में भट्ट अभिनेत्री सोनी राजदान के प्‍यार में पड़ गए और उनसे शादी कर ली। इनके भी दो बच्‍चे हैं- शाहीन भट्ट और आलिया भट्ट।

महेश भट्ट अपनी बड़ी बेटी पूजा भट्ट के साथ भी कॉन्ट्रोवर्सी में आ चुके हैं। पूजा के साथ महेश की 'लिप टू लिप' का किस्सा कई दिनों तक चर्चा में रहा था। एक मैगजीन में अपने इंटव्यू में महेश ने कहा था, 'अगर पूजा मेरी बेटी नहीं होती, तो मैं उससे शादी कर लेता।'

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26 साल की उम्र में भट्ट ने निर्देशक के तौर पर फिल्‍म 'मंजिलें और भी हैं' से अपना डेब्‍यू किया। इसके बाद 1979 में आई 'लहू के दो रंग' जिसमें शबाना आजमी और विनोद खन्‍ना मुख्‍य भूमिका में थे, इसने 1980 के फिल्‍मफेयर अवार्ड्स में दो पुरस्‍क‍ार जीते। फिल्‍म ने बॉक्‍स ऑफिस पर औसत से ऊपर प्रदर्शन किया। 1987 में वे निर्माता बन गए जब उन्‍होंने अपने भाई मुकेश भट्ट के साथ मिलकर 'विशेष फिल्‍मस' नाम से अपना प्रोडक्‍शन हाऊस शुरू कर दिया। हिन्‍दी फिल्‍म इंडस्‍ट्री के वे जाने माने निर्देशक बन गए जब उन्‍होंने डैडी, आवारगी, आशिकी, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, गुमराह जैसी फिल्‍में दी।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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