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जल्द ही हवाई सफर में भी ले सकेंगे इंटरनेट और कॉल सुविधा का मजा

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 20 , 2018 , 09:38 IST

देश में हवाई यात्रियों को जहाज के अंदर अब अपने मोबाइल फोन को फ्लाइट मोड में डालने और इंटरनेट से दूर होने की मजबूरी नहीं होगी। हवाई सफर में अब लोग मोबाइल फोन और इंटरनेट का मजा ले सकेंगे।

ट्राई ने इस बारे में शुक्रवार को एक सुझाव दिया है, जिसके मुताबिक जमीनी मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता के तहत भारतीय हवाईसेवा में न्यूनतम तीन किलोमीटर की ऊंचाई तक मोबाइल सर्विस मान्य होगी।

हालांकि जो मोबाइल ऑपरेटर विमान में कॉल या इंटरनेट की सुविधा देना चाहेंगे, उन्हें इसके लिए अलग से लाइसेंस लेना होगा।

सूत्रों के अनुसार, प्लेन में कॉल और इंटरनेट प्रयोग से संबंधित सिक्योरिटी ऑडिट हो गई है और ट्राई अब इसके लिए अंतिम तौर पर गाइडलाइंस बनाने में जुटा है। सरकार के अंदर ग्रूप ऑफ मिनिस्टर्स और डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम से हरी झंडी मिलने के बाद ट्राई को इसके लिए गाइडलाइंस बनाने को कहा गया था।

अब ट्राई ने तमाम पक्षों से विचार-विमर्श शुरू कर दिया है और 3 नवंबर तक सभी पक्षों को अपना विचार और प्रस्ताव देने को कहा है।
दरअसल, हाल में एक खास तकनीक 'मोबाइल कम्युनिकेशन सर्विस ऑन बोर्ड एयरक्राफ्ट' की सुविधा से अब हवाई जहाज में मोबाइल से कॉल करना या डेटा का इस्तेमाल करना आसान हो गया है।

इसके आने के बाद दुनिया की 30 प्रमुख एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों को विमान में कॉल और नेट की सुविधा देने लगी है। प्लेन में मोबाइल फोन नेटवर्क एक पोर्टबेल टावर की मदद से चल सकता है। यह मशीन टेलिकॉम कंपनियों की मदद से एयरलाइंस कपंनियां लगा सकती हैं। ट्राई के प्रस्ताव के अनुसार, जो कंपनियां हवाई जहाज में यह सुविधा देना चाहेगी, उन्हें इसके लिए अलग से लाइसेंस लेना होगा।

इस प्रस्ताव के अनुसार, यह सुविधा भारतीय वायुसीमा के अंदर घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के यात्रियों को मिलेगी।

अब तक हवाई जहाज में मोबाइल पर इंटरनेट या कॉल करने की सुविधा नहीं देने के पीछे सुरक्षा सबसे बड़ा कारण थी। लेकिन पिछले 3 वर्षों के लंबे मंथन के बाद इसपर सहमित बनाने की कोशिश की गई।

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अधिकारियों के अनुसार, हवाई जहाज में मोबाइल नेटवर्क देने के समय कई सुरक्षा मानकों को पूरा करना जरूरी होगा। ट्राई के प्रस्ताव के अनुसार, इस सुविधा के लिए एयरलाइंस यात्रियों से अलग से फीस ले सकती है।

साथ ही अभी शुरुआती दिनों में यह सुविधा सिर्फ देश के अंदर यानी डोमेस्टिक यात्रियों को ही मिल सकेगी। सरकार की मंशा है कि देश के अंदर इसके अच्छे प्रयोग के बाद देश के बाहर की सेवाओं में यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, साल के अंत में यह सुविधा शुरू हो जाएगी और इसे चरणों में विस्तार दिया जाएगा। इस सुविधा के लिए सरकार को मौजूदा टेलिग्राफ ऐक्ट में भी बदलाव करना पड़ेगा।


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