नेशनल

अमृतसर धमाका: हमले का ISI कनेक्शन या खालिस्तानी आतंक! नहीं मिला कोई सुराग

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1660
| नवंबर 18 , 2018 , 16:32 IST

अमृतसर के निरंकारी भवन पर हुए ग्रेनेड से हमले में 3 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। इस हमले की जांच के लिए पंजाब पुलिस एवं सेना अपने प्रयास शुरू जरूर कर दिए हैं लेकिन सच्चाई यही है कि अभी तक जांच एजेंसियों के हाथ खाली हैं। अभी इस घटना की जिम्मेदारी भी कोई आतंकी संगठन ने नही ली है।

चूकि हमले वाली जगह पर कोई सीसीटीवी कैमरे के नहोने के कारण पुलिस को जांच में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अभी हाल में ही पंजाब में आतंकी हमले की घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था, जिस पर पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित था।

11

हाफिज सईद के साथी गोपाल सिंह चावला पर घुम रही शक की सुई-:

इस हमले के पीछे गोपाल सिंह चावला का भी हाथ हो सकता है। गोपाल सिंह चावला को पाकिस्तान में कई बार आतंकी हाफिज सईद के साथ देखा गया था। खुफिया एजेंसी को मिली सूचना के मुताबिक गोपाल सिंह आईएसआई के निर्देश पर पंजाब में हमले की साजिश रच रहा था। गोपाल सिंह एक ऐसे एप के जरिये युवाओं को भारत के खिलाफ बरगला रहा था, जिसे डिटेक्ट कर पाना काफी मुश्किल था।

खालिस्तानी आतंकी के स्लीपर सेल का भी हो सकता है ये काम-:

खुफिया एजेंसियों ने इनपुट के अधार पर बताया है कि ये हमला पंजाब में खालिस्तानी आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल का काम हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक कई आतंकी संगठन पंजाब में आतंकवाद की आंच को सुलगाने में लगे हैं। ये काम उन्हीं का हो सकता है।

मूसा के पंजाब में होने की है खबर-:

ये हमला ऐसे वक्त पर हुआ है जबकि जैश ए मोहम्मद के आतंकी जाकिर मूसा और उसके कुछ साथियों के पंजाब में ही होने की खबर है। खुफिया ब्यूरो को ये जानकारी मिली थी कि कश्मीर में ऑपरेट करने वाला आतंकी जाकिर मूसा फिरोजपुर आया था। खुफिया ब्यूरो के पास यह भी इनपुट है कि जाकिर मूसा ग्रुप के 7 आतंकी फिरोजपुर आए थे।

हो सकता था बड़ा हादसा रविवार को जुटते हैं हजारों की संख्या में लोग-:

आखिर ये विस्फोटक यहां पहुंचे कैसे? घटना के बाद एहतियातन राजस्थान बॉर्डर सील कर दिया गया है। बता दें कि अमृतसर में पहले से ही आतंकी हमले को लेकर हाई अलर्ट जारी है। ऐसे में इस तरह की घटना ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस डेरे पर हमला हुआ है वो संत निरंकारी का डेरा है। बता दें कि रविवार के दिन छुट्टी होने के कारण ज्यादा संख्या में लोग भजन कीर्तन के लिए डेरे पर पहुंचते हैं। यह दर्शाता है कि यह हमला काफी सोच समझकर किया गया।


कमेंट करें