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इसरो का अंतरिक्ष में शतक, जानें 100वें उपग्रह के बारे में 10 ख़ास बातें

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 12 , 2018 , 09:02 IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन श्रीहरिकोटा से अपने 100वें उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा। इसके साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगा।। बता दें यह प्रक्षेपण इस साल का पहला प्रक्षेपण है।

इस उपग्रह के साथ-साथ 30 अन्य उपग्रहों को भी अंतरिक्ष में पहुंचाया जाएगा। बता दें यह मिशन देश के अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

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जानकारी के लिए बता दें इसमें भारत के तीन और छह अन्य देशों के 28 उपग्रह भी शामिल हैं। इसरो के जनसंपर्क अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि,'श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार सुबह 9:28 बजे पीएसएलवी-सी40 रॉकेट छोड़ा जाना है।

बता दें भारतीय उपग्रहों में से एक उपग्रह 100 किलोग्राम का माइक्रो सैटेलाइट और एक पांच किलोग्राम का नैनो सैटेलाइट भी शामिल है। बाकी 28 सैटेलाइट कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका के हैं। 31 उपग्रहों का कुल वजन 1323 किलोग्राम है।

100वें उपग्रह के बारे में 10 ख़ास बातें:

1. इसरो द्वारा एक साथ 31 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे जाएंगी।

2. PSLV C-40 अपने साथ सबसे भारी कार्टोसैट 2 सीरीज के उपग्रह के अलावा 30 दूसरी सैटलाइट भी अंतरिक्ष में ले जाएगा।

3. इसमें एक भारतीय माइक्रो सैटेलाइट और एक नैनो सैटेलाइट के अलावा 28 छोटे विदेशी उपग्रह भी हैं।

4. चौथे चरण के पीएसएलवी-सी-40 की ऊंचाई4 मीटर और वजन 320 टन होगा।

5. 42वें मिशन के लिए इसरो भरोसेमंद कार्योपयोगी ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी40 को भेजेगा।

6. पीएसएलवी के साथ 1332 किलो वजनी 31 उपग्रह एकीकृत किए गए हैं ताकि उन्हें प्रेक्षपण के बाद पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में तैनात किया जा सके।

7. पृथ्वी अवलोकन के लिए 710 किलोग्राम का काटरेसेट-2 सीरीज मिशन का प्राथमिक उपग्रह है।

8. इसके साथ ही सह यात्री उपग्रह भी है जिसमें 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह शामिल हैं।

9. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से इस4 मीटर लंबे रॉकेट को प्रक्षेपित किया जाएगा।

10. कुल 28 अंतर्राष्ट्रीय सह यात्री उपग्रहों में से 19 अमेरिका के, पांच दक्षिण कोरिया के और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के हैं।


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