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माल्या से मिलने वाले बयान पर जेटली का पलटवार, बताया- कैसे और कहां मिले थे

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 12 , 2018 , 21:16 IST

करोड़ों रुपये की बैंक धोखाखड़ी के मामले में वांछित भगोड़े शराब व्यापारी विजय माल्या ने बुधवार को दावा किया कि 2016 में भारत छोड़ने से पहले उसने वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। माल्या ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर पत्रकारों से कहा, "मेरी जेनेवा में एक बैठक प्रस्तावित थी। भारत छोड़ने से पहले मैंने वित्तमंत्री से मुलाकात की थी..बैंकों के साथ मामला निपटाने का अपना प्रस्ताव मैंने दोहराया था। यह सच है।" माल्या इस अदालत में भारतीय अधिकारियों द्वारा दाखिल प्रत्यर्पण मामले का सामना कर रहा है।

बता दें कि माल्या ने 2 मार्च, 2016 को भारत छोड़ दिया था। उसने दावा किया कि भारत की दो बड़ी पार्टियां भाजपा और कांग्रेस उसे पसंद नहीं करती हैं। उसने कहा, "मैं एक राजनीति फुटबॉल हूं..जहां तक मेरा सवाल है, मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष समग्र अदायगी प्रस्ताव दिया है। मुझे उम्मीद है कि सम्मानीय न्यायाधीश इसपर ध्यान देंगे।"

यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने बकाए राशि को चुकाएंगे? माल्या ने कहा, "निश्चित तौर पर, इसलिए समाधान प्रस्ताव दिया गया है।" उसने आगे कहा कि बैंकों ने उसके समाधान प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
9000 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में वांछित माल्या ने कहा कि उसने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष कोई दया याचिका दाखिल नहीं की है।

माल्या ने कहा, "मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष लगभग 15,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। मैं बलि के बकरे जैसा महसूस कर रहा हूं। दोनों राजनीतिक पार्टियां मुझे पसंद नहीं करती हैं।"

माल्या के बयान पर अरूण जेटली का सफाई

माल्या के बयान के बाद सियासी हलचल मच गई। वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस बारे में बयान जारी करना पड़ा। जेटली ने माल्या के बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत और दूर-दूर तक सच्चाई से परे बताया। जेटली ने कहा कि 2014 के बाद से उन्होंने माल्या को कभी अपॉइंटमेंट नहीं दी, इसलिए मिलने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। जेटली ने कहा कि राज्यसभा सदस्य होने के नाते माल्या ने एकबार मेरे से मिलने की कोशिश की थी जब मैं सदन से निकल कर अपने कमरे में जा रहा था।

जेटली ने कहा, मेरे से मिलने के लिए वे तेजी से आगे बढ़े और कहा, 'मैं मामला निपटाने के लिए एक ऑफर रखना चाह रहा हूं। माल्या के झूठे प्रस्तावों को देखते हुए मैं किसी बात के लिए राजी नहीं हुआ और कहा कि इस मुद्दे पर मेरे से बात करने से अच्छा है बैंकों से बात करें।'

जेटली ने कहा कि माल्या के हाथों में कुछ कागजात भी थे जिसे उन्होंने नहीं लिया क्योंकि उनकी बातों से राज्यसभा के विशेषाधिकारों के दुरुपयोग की आशंका थी। साथ ही, बैंकों के कर्ज से जुड़े उनके कारोबारी हित को देखते हुए उन्हें अपॉइंटमेंट देने का सवाल नहीं था।

किंगफिशर एयरलाइन के 62 वर्षीय प्रमुख माल्या पिछले साल अप्रैल में जारी प्रत्यर्पण वारंट के बाद से जमानत पर हैं। उन पर भारत में 9,000 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी का आरोप है। इससे पहले जुलाई में वेस्टमिंस्टर की अदालत ने उनके ‘संदेहों को दूर करने के लिए’ भारतीय अधिकारियों से ऑर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 का वीडियो जमा करने को कहा था।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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