नेशनल

सुरक्षा हटाए जाने पर भी अलगाववादियों की नहीं गई ऐंठन, कहा- कभी Security मांगी ही नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
2944
| फरवरी 17 , 2019 , 15:16 IST

जम्मू एवं कश्मीर के प्रशासन ने रविवार को मीरवाइज उमर फारूक सहित पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया। राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा, "पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया गया है। इसमें मीरवाइज उमर फारूक, प्रोफेसर अब्दुल गनी भट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी और शबीर अहमद शाह शामिल हैं।"

सूत्रों ने कहा कि फैसले के अनुसार, अलगाववादियों को दिए गए सशस्त्र गार्डो, वाहनों व दूसरी सुविधाओं को रविवार शाम से वापस ले लिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के शुक्रवार के बयान के बाद रविवार की घोषणा की गई है।

राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कश्मीर घाटी के दौरे के दौरान कहा था कि पाकिस्तान से धन प्राप्त करने वालों को मुहैया कराई गई सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा श्रीनगर में 26 जुलाई 2017 को गिरफ्तार किए जाने के बाद से शाह वर्तमान में दिल्ली में हिरासत में है। शाह को एक आतंकी फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था।

हालांकि, सुरक्षा की तैनाती उसके श्रीनगर के आवास के बाहर की गई थी, जहां उसका परिवार रहता है। वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं सैयद अली गिलानी व मोहम्मद यासीन मलिक को राज्य सरकार द्वारा कोई सुरक्षा नहीं दी गई थी।
जम्मू एवं कश्मीर सरकार के पांच अलगाववादी नेतओं की सुरक्षा वापस लेने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हुर्रियत कांफ्रेंस ने कहा कि उन्होंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी थी।

मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले हुर्रियत कांफ्रेस ने एक बयान में कहा, "सरकार ने खुद ही अलगाववादी नेताओं को सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला लिया, जिसकी कभी मांग नहीं की गई।" मीरवाइज उमर फारूक, उन पांच अलगाववादी नेताओं में शामिल हैं, जिनकी सुरक्षा वापस ली गई है।

बयान में आगे कहा गया, "मीरवाइज उमर फारूक ने वास्तव में कई बार शुक्रवार के उपदेश के दौरान कहा कि वह चाहते हैं कि सुरक्षा वापस ले ली जाए।" बयान में कहा गया, "सुरक्षा वापस लेने के फैसले से न तो अलगाववादी नेताओं के रुख में बदलाव आएगा न हीं इससे जमीनी हालात पर कोई असर पड़ेगा।"

मीरवाइज के अलावा प्रशासन ने रविवार को अब्दुल गनी भट, बिलाल लोन, हाशिम कुरैशी व शबीर शाह की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला रविवार शाम से लागू किया जाएगा।


कमेंट करें