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India Strikes Back: बालाकोट में घुसकर जैश के ठिकानों को ध्वस्त किया: भारत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 26 , 2019 , 12:45 IST

भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार तड़के पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया और बड़ी संख्या में आतंकवादियों व उनके प्रशिक्षकों को मार गिराया। विदेश सचिव विजय के.गोखले ने मीडिया से कहा कि इस नॉन मिलिटरी प्री-एम्पटिव एक्शन में खास तौर से आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह शिविर नागरिक इलाकों से दूर एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है।

उन्होंने कहा कि यह शिविर इस्लामाबाद से 195 किमी दूर और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित मुजफ्फराबाद से 40 किमी से अधिक दूर बालाकोट में है। विदेश सचिव गोखले ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुख्ता खुफिया सूचना के बाद भारत ने जैश के ठिकानों पर नॉन मिलिटरी ऐक्शन के तहत हमला किया गया।

विजय गोखले ने कहा, 'इस सूचना के बाद कि जैश के आतंकी भारत में और आत्मघाती हमले करने के फिराक में है, भारत द्वारा हमला करना जरूरी हो गया था। हमने बालाकोट में जैश के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप पर हमला किया, जिसमें कई बड़े आतंकी, सीनियर कमांडर और जेहादी मारे गए हैं।'

14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आत्मघाती आतंकी हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा ऐसी भी सूचना थी कि जैश के आतंकी भारत में एकबार फिर आत्मघाती हमले को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं।

जैश पाकिस्तान में पिछले 20 साल से आतंकी साजिश रच रहा है लेकिन पाकिस्तान उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जैश सरगना मसूद अजहर अंरराष्ट्रीय आतंकवादी है। जैश 2001 में भारतीय संसद पर आतंकवादी हमले और जनवरी 2016 में पठानकोट हमले में शामिल रहा है। पाकिस्तान को इस आतंकी संगठन के बारे में कई जानकारी दी गई थी। भारत जैश के खिलाफ कार्रवाई की लगातार मांग करता रहा है। बिना पाकिस्तान के संरक्षण के सैकड़ों जिहादी पैदा नहीं हो सकते हैं।

भारत ने यह भी संकेत दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वो केवल विश्व समुदाय की पैरवी का मोहताज नहीं है। वो अकेले भी निर्णय ले सकता है और आतंकवाद से निपटने के लिए खुद ज़रूरी कदम उठाने में सक्षम है।

भारत की पाकिस्तान में घुसकर की गई इस कार्रवाई के बाद यदि सेना के मंच को आधिकारिक घोषणा के लिए इस्तेमाल किया जाता तो यह कूटनीतिक से ज़्यादा एक सामरिक संदेश देना होता है। बहुत सोच-समझकर भारत ने विदेश मंत्रालय के ज़रिए इस कार्रवाई पर अपनी आधिकारिक स्थिति रखी है।

बालाकोट में जैश के आतंकी कैंप को जैश सरगना मसूद अजहर का साला मौलाना यूसुफ अजहर चलाता है। उन्होंने कहा, ' हमने कुछ देर पहले हमला किया है। पाकिस्तान अपनी धरती से आतंकियों को खत्म करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। भारत ने आतंक को खत्म करने के लिए नॉन मिलिटरी ऐक्शन के जरिए आतंकी ठिकानों को तबाह किया है। उम्मीद है कि पाकिस्तान जैश और अन्य आतंकी संगठनों के टेरर कैंपों को खत्म करेगा।' 

 


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