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J&K: प्रदर्शनकारियों पर कसा शिकंजा, वसूला जाएगा संपत्ति को हुआ नुकसान, होगी 5 साल की सजा

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 27 , 2017 , 14:27 IST

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने शुक्रवार को एक ऑर्डिनेंस पास किया है जिसके तहत हड़ताल-प्रदर्शन करने, पब्लिक-प्राइवेट संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना और 5 साल की जेल होगी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर जुर्माने के साथ-साथ उन्हें 5 साल की सजा भी हो सकती है। ये अध्यादेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है।

जम्मू-कश्मीर पब्लिक प्रॉपर्टी (प्रिवेंशन ऑफ डैमेज) (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2017 के तहत सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान से जुड़े मौजूदा कानून में बदलाव किया गया है। इस अध्यादेश को 2 उद्देश्यों के लिए लाया गया है। पहला उद्देश्य ये है कि पब्लिक-प्राइवेट संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंडनीय होंगे और दूसरा ये है कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने के लिए उकसानेवाले सीधे-सीधे अपराध के जिम्मेदार होंगे।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने री-डिस्ट्रक्शन ऑफ पब्लिक ऐंड प्राइवेट प्रॉपर्टीज vs स्टेट ऑफ आंध्र प्रदेश ऐंड अदर्स (2009) के केस में संपत्तियों से नुकसान से जुड़े कानूनों में संशोधन का निर्देश दिया था।

क्या होता है ऑर्डिनेंस?

- किसी भी राज्य का गवर्नर ऑर्डिनेंस तब पास कर सकता है, जब राज्य में विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा हो और कानून बनाने की जरूरत महसूस हो रही हो।

- ऑर्डिनेंस 6 महीने तक प्रभावी होता है। अगर इस ऑर्डिनेंस पर सरकार कानून बनाना चाहती है तो बिल को सदन में पास कराना जरूरी होता है।

- सरकार अगर बिल नहीं लाती तो ऑर्डिनेंस 6 महीने बाद अपने आप खत्म हो जाता है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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