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पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में राम रहीम सहित 4 आरोपी दोषी करार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 11 , 2019 , 15:30 IST

सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में आज पंचकुला की स्पेशल CBI कोर्ट राम रहीम सहित चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा का पर फैसला 17 जनवरी 2019 को आएगा। 

इस मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम आरोपी है। बता दें डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी होगी। वहीं इसको लेकर डेरा सच्चा सौदा, सुनारिया जेल और विशेष अदालत के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही पंजाब और हरियाणा पुलिस ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।

उसे कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसलिए पेश किया जाएगा क्योंकि अगर गुरमीत सिंह राम रहीम को पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया तो कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। डेरा समर्थक बेकाबू हो सकते हैं। इसलिए हरियाणा सरकार ने पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में अपील की थी कि उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंगके जरिए पेश किया जाए। जिसे कोर्ट ने मान लिया।

जज जगदीप सिंह ही सुनाएंगे फैसला

बता दें साध्वी दुष्कर्म मामले में गुरमीत सिंह राम रहीम को सजा सुनाने वाले जज जगदीप सिंह ही इस हत्याकांड में फैसला सुनाएंगे।

सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजाम

गुरमीत सिंह राम रहीम पर आज बड़ा फैसला आने वाला है। इसको लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पंजाब का मालवा क्षेत्र गुरमीत सिंह राम रहीम के प्रभाव वाला बड़ा इलाका है इसी के मद्देनजर वहां के 8 जिलों में सुरक्षाबलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं।

इसके अलावा बठिंडा और मानसा जिले में करीब 15 कंपनियों के 1200 जवान तैनात किए गए हैं। इसी प्रकार से फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, और फाजिल्का में 10 कंपनियों के 700 जवान तैनात किए गए हैं। सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मी कोटकपूरा, जैतो, बाघा पुराना और मोगा में तैनात किए गए हैं।

आपको बता दें कि 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वो लगातार अपने समाचार पत्र में डेरे में होने वाले अनर्थ से जुड़ी ख़बरों को छाप रहे थे। पत्रकार के परिवार ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था। उनकी याचिका पर अदालत ने इस हत्याकांड की जांच नवंबर 2003 को सीबीआई के हवाले कर दी थी। 2007 में गुरमीत सिंह राम रहीम को इस हत्याकांड का आरोपी माना गया था।


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