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जर्नलिस्ट शाजिला: भीड़ ने जान से मारने की धमकी दी, लात मारी फिर भी ड्यूटी पर डटी रहीं

विवेक यादव | 0
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| जनवरी 4 , 2019 , 19:25 IST

केरल के सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा है। और अब एक बार फिर इस विवाद ने तेज पकड़ ली है। मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद राज्य में तनाव की स्थिति बनी हुई है। और इस विवाद में एक महिला जर्नलिस्ट के साथ बदसलूकी की गई है।

महिला जर्नलिस्ट के साथ हुई बदसलूकी

हिंसक प्रदर्शन में करीब 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है। वहीं प्रदर्शनकारीयों ने मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा और एक महिला जर्नलिस्ट के साथ बदसलूकी की।

प्रदर्शनकारियों ने शाजिला पर हमले किए, कैमरा भी छीनने की कोशिश की

एक तस्वीर सामने आई है जिसमें एक महिला वीडियो जर्नलिस्ट घटनाक्रम से आहत होकर रो रही हैं। एक टीवी चैनल की वीडियो जर्नलिस्ट शाजिला अली फातिमा बुधवार को 50 साल से कम उम्र की बिंदू और कनक के मंदिर में प्रवेश करने के बाद तिरुवंतपुरम में लोगों की प्रतिक्रिया ले रही थीं तभी वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों के गुस्से का शिकार हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमले किए और उनका कैमरा छीनने की कोशिश की।

मुझे लात मारी गई और मेरा कैमरा छीन लिया गया

इस हादसे के बारे में शाजिला ने कहा है कि, 'मुझे लात मारी गई। कैमरा छीनने की कोशिश हुई। मेरी आंखों में आंसू आ गए, लेकिन मैं ड्यूटी निभाती रही।' यह सबकुछ जब हो रहा था उसी दौरान किसी ने शाजिला की फोटो ले लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। इसके बाद उनका फोटो वायरल होने लगा और लोग उनके जज्बे की तारीफ करने लगें।

मुझे झटका तब लगा जब मेरी पीठ पर एक लात पड़ी

एक बीजेपी नेता की ओर से माफी मांगने के बाद शाजिला ने कहा कि, '2 जनवरी को मुझसे कहा गया था कि मैं बीजेबी के नेताओं से बिंदू अम्मीनी और कनकदुर्गा के सबरीमाला में घुसने वाले मुद्दे पर रिऐक्शन लेकर आऊं, मैं सेक्रेटेरिएट के सामने कई हफ्तों से भूछ हड़ताल पर बैठे बीजेपी नेताओं से बात करने लगी। बात करने के बाद मैं ऑफिस जाने के लिए निकली। उसी समय लोगों का एक समूह सेक्रेटरिएट की ओर मार्च करता हुआ निकला। उन्होंने लेफ्ट पॉलिटिकल पार्टियों के लगाए होर्डिंग और बैनर फाड़ दिए और पत्रकारों पर हमला शुरू कर दिया। जब मैंने इस हमले को शूट करना शुरू किया, तो भीड़ ने मुझे धमकी दी। उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी।

इसके आगे उन्होंने कहा कि, मैंने धमकी को अनसुना कर दिया, लेकिन मुझे झटका तब लगा जब मेरी पीठ पर एक लात पड़ी। मेरे प्रफेशनल करियर का ये सहसे बुरा वक्त था। जब मेरा कैमरा स्विच ऑफ हो गया तो मुझसे वो तस्वीरें और छूट गए, जिस दौरान भीड़ ने मेरे ऊपर हमला किया था। दो घंटे बाद ये सब खत्म हुआ तो मैं चाहती थी कि डॉक्टर के दिखाने से पहले मैं सभी फोटो और वीडियो ऑफिस में जमा कर दूं। मेरे लिए ड्यूटी पहले थी। मैं खुश हूं कि ऐसी स्थिति में भी मैं अपना काम कर रही हूं"। सैल्यूट यू शाजिला। 


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