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कर्नाटक बंद का व्यापक असर स्‍कूल-कॉलेज के साथ सरकारी कर्मचारी भी रहेंगे छुट्टी पर

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 25 , 2018 , 10:15 IST

कर्नाटक में किसानों और कई संगठनों के साथ-साथ परिवहन, फ़िल्म और ऑटो संगठनों कन्‍नड़ संस्थाओं ने 25 जनवरी को राज्‍य-व्‍यापी बंद का आह्वान किया है। संगठनों की मांग है कि केंद्र सरकार महानदी जल बंटवारे के मुद्दे पर दखल दे।

बंद के चलते आम जन-जीवन पर असर पड़ने की आशंका है। राज्‍य की सरकारी कर्मचारियों की एसोसिएशन ने बंद का समर्थन किया है, ऐसे में गुरुवार को सरकारी कार्यालय बंद रह सकते हैं। । दिग्‍गज आईटी कंपनी विप्रो ने कर्नाटक में आज छुट्टी की घोषणा की है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि महत्‍वूपर्ण प्रोजेक्‍ट्स में खलल न पड़े इसके लिए बिजनेस कॉन्टिन्‍युटी प्‍लान लागू कर दिया गया है।

विवाद कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के उस वीडियो क्लिप के सामने आने से खड़ा हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री कह रहे है कि उन्होंने ही 27 की जगह 25 जनवरी को बंद बुलाने को कहा था। ये वीडियो क्लिप इसी महीने की 11 तारीख को आया है।

इस क्लिप के सामने आने के बाद बीजेपी और कांग्रेस में घमासान मच गया है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता जगदीश शेट्टार ने आरोप लगाया है,"25 जनवरी और 4 फरवरी के बन्द के पीछे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का हाथ है।

25 जनवरी को मैसूर में अमित शाह और 4 फरवरी को नरेंद्र मोदी की रैली को विफल बनाने के लिए ही इन दोनों दिन बन्द बुलाया गया है।"

बीजेपी के इस आरोप पर कर्नाटक के गृह मंत्री राम लिंगा रेड्डी ने कहा, "इस बंद को बिना वजह बीजेपी तूल दे रही है। उन्होंने कहा कि हमने रैली और कानून व्यवस्था बनाये रखने लिए लिए पर्याप्त इंतज़ाम किये हैं।"

वहीं, कन्नड़ संगठनों के महासंघ कर्नाटका कन्नडा ऊकुट्टा संघा के प्रमुख वाटल नागराज बन्द पर अड़े हैं। कर्नाटक रक्षणा वेदिके शेट्टी गुट के अध्यक्ष प्रवीण शेट्टी ने कहा" "वाटल नागराज ने कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा के लिए ये बंद बुलाया है।

हमें कांग्रेस या बीजेपी से कुछ भी लेना-देना नहीं है। चाहे वो अमित शाह हो या फिर राहुल गांधी, जो भी कन्नड़ हितों के खिलाफ जाएगा हम उसका विरोध करेंगे।"

बीजेपी शासित गोवा के जल संसाधन मंत्री विनोद पालेकर के उस बयान की वजह से तनातनी दोनों राज्यो में और बढ़ गयी है, जिसमे उन्होंने कर्नाटक के लोगों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया था।

बीजेपी अब मांग कर रही है कि सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी महादायी जल बंटवारे पर अपना पक्ष साफ करें। नहीं तो राहुल गांधी जब कर्नाटक का दौरा करेंगे तो उनके खिलाफ भी बीजेपी प्रदर्शन करेगी।


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