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एम करुणानिधि का चेन्नई में निधन, 11 दिनों से अस्पताल में चल रहा था इलाज

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 7 , 2018 , 19:04 IST

द्रविड़ मुनेत्र कडगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. करुणानिधि का निधन हो गया है। वे काफी समय से बामार चल रहे थे। इलाज के लिए उन्हें कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कावेरी अस्पताल मेडिकल बुलेटिन में बताया गया है कि एम. करुणानिधि का निधन हो गया। 

द्रविड़ मुनेत्र कडगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. करुणानिधि के स्वास्थ्य में सोमवार को काफी गिरावट आने की खबर के बाद द्रमुक कार्यकर्ता और उनके शुभचिंतक अस्पताल के पास एकत्रित होना शुरू हो गए हैं। 94 वर्षीय करुणानिधि गत 10 दिनों से यहां कावेरी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने कहा कि अगले 24 घंटों में उन पर हो रहे इलाज के असर के बाद उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जा सकेगी।

अस्पताल के बयान के अनुसार, "करुणानिधि की स्थिति में लगातार गिरावट हो रही है। उम्र संबंधी बीमारी की वजह से उनके महत्वपूर्ण अंगों को काम करने के लायक बनाए रखना लगतार चुनौती बना हुआ है।" बयान के अनुसार, "उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और एक्टिव मेडिकल सपोर्ट के जरिए उनका इलाज किया जा रहा है। अगले 24 घंटों में वे इलाज पर किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं, इसके बाद उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जा सकेगी।"

करुणानिधि की हालत नाजुक होने की खबर के बाद सैकड़ों द्रमुक कार्यकर्ताओं ने अलवरपेट में कावेरी अस्पताल की ओर जाना शुरू कर दिया जिसके बाद शहर के कई जगहों पर यातायात बाधित हो गया। द्रमुक के महासचिव के. अनबालागन, करुणानिधि के परिजन और अन्य नेता उनके स्वास्थ्य खराब होने की खबर के बाद अस्पताल पहुंचे।

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स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस की तैनाती की गई है। पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे 94 वर्षीय करुणानिधि को बढ़े रक्तचाप के बाद 28 जुलाई को कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इसी साल 3 जून को करुणानिधि ने अपना 94वां जन्मदिन मनाया. ठीक 50 साल पहले 26 जुलाई को ही उन्होंने डीएमके की कमान अपने हाथ में ली थी। लंबे समय तक करुणानिधि के नाम हर चुनाव में अपनी सीट न हारने का रिकॉर्ड भी रहा। वो पांच बार मुख्यमंत्री और 12 बार विधानसभा सदस्य रहे हैं। अभी तक वह जिस भी सीट पर चुनाव लड़े हैं, उन्होंने हमेशा जीत दर्ज की है।

करुणानिधि ने 1969 में पहली बार राज्य के सीएम का पद संभाला था, इसके बाद 2003 में आखिरी बार मुख्यमंत्री बने थे। शाम में जब बुलेटिन जारी किया गया, उस समय अस्पताल के बाहर 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे। वे करुणानिधि के जल्द ठीक होने की प्रार्थना के साथ नारे भी लगा रहे थे।


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