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कश्मीर को दहलाने की फिराक में आतंकी, आर्मी ने जारी किया हाई अलर्ट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 13 , 2018 , 08:01 IST

भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट से बौखलाएं खूंखार आतंकी संगठन में स्‍थानीय युवकों की भर्ती कर कश्‍मीर को दहलाने की साजिश रची जा रही है, हालांकि सुरक्षाधिकारियों ने पूरी कश्मीर वादी में हाई अलर्ट जारी करते हुए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती की कवायद को तेज किया है।

सोशल मीडिया पर भी नकेल कसनी आरंभ की है पर बावजूद इसके प्रशासन इसको लेकर डरा हुआ है कि आतंकी चुनावों से पहले कश्मीर में कुछ बड़ा अंजाम दे सकते हैं।

इससे पहले शुक्रवार को आतंकियों ने शोपियां में CRPF कैंप पर हमला किया। हालांकि इसमें कोई भी सुरक्षा कर्मी हताहत नहीं हुआ है। आतंकियों की ओर से घात लगाकर किए गए इस हमले का सुरक्षा बलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान ने फिर से सीजफायर तोड़ा और पुंछ सेक्टर में LoC पर गोलीबारी की।

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पिछले कुछ समय से पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है. वह सीमा पर कवर फायर देकर आतंकियों की घुसपैठ कराने की भी कोशिश करता है।
इससे पहले 31 दिसंबर को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ था। फिदायीन आतंकियों ने अवंतिपुरा के लीथपोरा में सीआरपीएफ कैंप को निशाना बनाया था।

ट्रेनिंग कैंप पर हुए इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए थे। हालांकि घंटों चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने तीन आंतकियों को मार गिराया था। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए मोहम्मद ने ली है।

इसके अलावा छह जनवरी को जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में गश्त के दौरान चार पुलिसकर्मी IED ब्लास्ट में शहीद हो गए थे। यह विस्फोटक आतंकियों ने 'छोटा बाजार' और 'बड़ा बाजार' के बीच एक दुकान के पास प्लांट किया था। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।

उधर, आतंकियों का सफाया करने के लिए सुरक्षा बल ऑपरेशन ऑल आउट चला रहे हैं। साल 2017 में सुरक्षा बलों को 206 आतंकियों को मार गिराने में कामयाबी मिली। इसके अलावा आतंकी संगठनों से जुड़े चुके 75 युवाओं को वापस लाने में सफलता मिली है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि इन्हें छोड़कर, सात युवा ऐसे थे जो अपने परिवारों द्वारा हमारे प्रति समर्थन को देखकर हथियार त्यागकर वापस आ गए।

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मालूम हो कि सेना ने घाटी में मौजूद 258 आतंकियों की लिस्ट बनाई थी, जिन्हें ऑपरेशन ऑल आउट के तहत शिकस्त देनी थी। साल 2016 की बात की जाए सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में 148 आतंकवादी ढेर हुए थे, जबकि 2015 में 108 आतंकवादी मारे गए थे।


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