राजनीति

कांग्रेस के नेता का दावा, कहा- 'मोदी-शाह की साजिश है केसीआर का फेडरल फ्रंट'

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 5 , 2018 , 14:53 IST

कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी श्रवण दसोजू ने तेलांगना के मुख्यमंत्री केसीआर के खिलाफ तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र लिखकर सनसनीखेज किया है। पत्र में लिखा है कि केसीआर जिस फेडरल फ्रंट के गठन की बात कर रहे हैं वह फर्जी है और पूरी एक गंभीर राजनीतिक साजिश हैं।

इसे मोदी- शाह की रणनीति बताया है। दसोजू ने यह पत्र टीएमसी मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत कई नेताओं को लिखा है।

तेलंगाना राष्ट्र समिति के चीफ और तेलंगाना सीएम के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने पिछले दिनों एसपी प्रमुख अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी। इससे पहले केसीआर ने अपनी पार्टी के 17वें स्थापना दिवस पर कांग्रेस और बीजेपी को आगाह करते हुए कहा कि देश आने वाले महीनों में नया शासन देखेगा और वे इसके लिए क्षेत्रीय दलों को एकजुट करेंगे।

अब कांग्रेस ने केसीआर की इस कवायद की हवा निकालने की कोशिश की है। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमिटी के जनरल सेक्रटरी श्रवण ने ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, नवीन पटनायक समेत कई नेताओं को खत लिखा है।

तेलंगाना कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए लिखा है कि केसीआर का फेडरल फ्रंट ढोंग है और पीएम मोदी व अमित शाह के इशारे पर रची गई राजनीतिक साजिश है। दरअसल इस बीच केसीआर ने हाल के दिनों में फेडरल फ्रंट बनाने की अपनी कवायदों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में केसीआर ने 10 मई को हैदराबाद में कई क्षेत्रीय दलों के प्रमुखों को निमंत्रण भी भेजा है। इनमें टीएमसी की ममता बनर्जी, डीएमके के स्टालिन, बीजेडी के नवीन पटनायक, एसपी के अखिलेश यादव और जेएमएम नेता हेमंत सोरेन शामिल हैं।

खत के पीछे कांग्रेस की अपनी चिन्ता-:

दरअसल तेलंगाना कांग्रेस का यह खत के पार्टी की एक सियासी मजबूरी की तरफ भी इशारा कर रहा है। केसीआर का कथित फेडरल फ्रंट 2019 में बीजेपी को कितना नुकसान पहुंचा पाएगा, यह तो तय नहीं है लेकिन एक बात साफ है कि यह कांग्रेस की विपक्षी एकजुटता की कोशिशों के लिए बड़ा झटका है।

केसीआर के फेडरल फ्रंट की कवायद को क्षेत्रीय दलों की तरफ से मिल रहे समर्थन के संकेत ने भी कांग्रेस को अलर्ट कर दिया है। पिछले दिनों एम्स में लालू और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात के राजनीतिक मायने भी कथित फेडरल फ्रंट को ध्यान में रखकर ही निकाले गए।

क्षेत्रीय दलों का गैरबीजेपी-गैरकांग्रेस मोर्चा बनाने की कवायद में ममता बनर्जी की भी मुख्य भूमिका है। कांग्रेस और बीजेपी के खिलाफ तीसरा मोर्चा खड़ा करने के उद्देश्य से 27 मार्च को ममता ने दिल्ली में क्षेत्रीय दलों के कई नेताओं से मुलाकात कर चुकी हैं।

उधर पश्चिम बंगाल की स्थानीय सियासत ममता बनर्जी और कांग्रेस को लगातार एक-दूसरे से दूर ले जा रही है। पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी राहुल गांधी से मिले। दोनों के बीच प्रदेश के हालातों पर चर्चा हुई।

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बताया जाता है कि चौधरी ने राहुल से हालिया पंचायत चुनावों में कांग्रेस नेताओं पर हमले और मारपीट के मामलों सामने रखा और आरोप लगाया कि किस तरह से टीएमसी, कांग्रेस नेताओं के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। ऐसे में अब यह देखना रोचक होगा कि इस चिट्ठी पर विपक्षी नेताओं की कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।


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