राजनीति

इस्तीफा देते ही रंग में आए KCR, राहुल गांधी को बताया 'विदूषक'

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 6 , 2018 , 17:29 IST

तेलंगाना में टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। तेलंगाना में विधानसभा भंग किए जाने और मुख्यमंत्री के तौर पर इस्तीफे के बाद केसीआर ने राहुल गांधी पर हमला बोला, केसीआर ने कहा कि राहुल गांधी देश के 'सबसे बड़े मसखरे' हैं।

वह जितना तेलंगाना आएंगे टीआरएस उतनी ज्यादा सीटें जीतेगी। बता दें कि केसीआर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश का सबसे बड़ा विदूषक बताते हुए नेहरू-गांधी परिवार को भी आड़े हाथों लिया।

गौरतलब है कि विधानसभा भंग किए जाने के कैबिनेट के फैसले को राज्यपाल ईएसएल नरसिंहन ने मंजूरी दे दी है, इससे राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव का रास्ता भी साफ हो गया है।
राहुल के परिवारवाद के आरोपों की खीझ प्रेस वार्ता करने आए चंद्रशेखर राव में साफ दिखी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस की दिल्ली सल्तनत (नेहरू-गांधी परिवार) विरासत में मिली।

केसीआर ने कांग्रेस को तेलंगाना का सबसे बड़ा खलनायक करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी इस देश के सबसे बड़े विदूषक (मसखरे) हैं। वे जितना यहां आएंगे उतना ही हम जीतेंगे।
चंद्रशेखर राव ने दावा किया कि 2014 के समय तेलंगाना की स्थिति विस्फोटक थी, बिजली, सिंचाई, सांप्रदायिक हिंसा समेत कई मुद्दे हावी थे। लेकिन टीआरएस सरकार बनने के बाद जनता इन सभी मुद्दों से मुक्त हो चुकी है। उन्होंने अपने फैसले का समर्थन करने के लिए टीआरएस विधायकों के त्याग को सलाम किया।

बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने गुरुवार को मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई जिसमें राज्य विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन से मुलाकात कर विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव सौंपा जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

बीजेपी के साथ से किया इंकार-:

बीजेपी के साथ गठबंधन के सवाल पर केसीआर ने कहा, 'टीआएएस 100 पर्सेंट सेक्युलर पार्टी है। हम बीजेपी से हाथ कैसे मिला सकते हैं?' उन्होंने आगे कहा, 'राहुल गांधी को कांग्रेस की दिल्ली सल्तनत विरासत में मिली है। वह उसके कानूनी उत्तराधिकारी हैं। यही कारण है कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे दिल्ली और कांग्रेस के गुलाम न बनें। तेलंगाना का निर्णय तेलंगाना में होना चाहिए।'


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