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मिलिये नाले की गैस से चाय बनाने वाले शख्स से, पीएम मोदी ने सुनाया था इनका किस्सा

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 2
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| अगस्त 15 , 2018 , 19:12 IST

इन दिनों पूरे देश में नाले से निकली गैस से बनने वाली चाय की खूब चर्चा हो रही है। विपक्षी पार्टियां इस तकनीक को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कस रही हैं। दरअसल, पीएम मोदी ने 10 अगस्त को बायोफ्यूल डे के मौके पर नाले की गैस से चाय बनाने वाले एक शख्स का किस्सा सुनाया था। इस उदाहरण के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत लोगों ने पीएम मोदी का मजाक उड़ाया था।

जब पीएम के इस दावे की खोज पड़ताल की गई तो पता चला कि मोदी का ये किस्सा झूठा नहीं था, वास्तव में वह शख्स है। इस शख्स का नाम श्याम राव विर्के है और वो छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहते हैं।

श्याम राव विर्के ने दावा किया है कि उन्होंने मिथेन गैस से बायो सीएनजी बनाने वाला एक मिनी कलेक्टर बनाया था, जो नालों की गैस का इस्तेमाल कर खाना पकाने के काम आ सकती है। उन्होंने बताया,

'मैंने नालियों से पानी इकट्ठा किया और पानी के बुलबुले इकट्ठा करने के लिए मिनी 'कलेक्टर' बनाया। गैस होल्डर के लिए एक ड्रम का इस्तेमाल किया। मैंने जब इसका परीक्षण किया तो यह काम करने लगा। इसे मैंने गैस स्टोव से जोड़ा और फिर चाय बनाने लगा। फिर मैंने इसे उस घर में लगाया जहां चार-पांच महीने खाना बनाया गया।'

श्याम राव विर्के का कहना है कि यह राष्ट्रीय हित में है। श्याम राव का दावा है कि उनके नाम पर इस मशीन का पेटेंट भी है। श्याम राव का कहना है, छत्तीसगढ़ विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने इस इनोवेशन को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कुछ पैसे दिए थे। जब मैंने इसे नाले में लगाया तो तीन दिनों में काफी गैस इकट्ठा हो गई थी। इसी बीच म्युनिसिपैलिटी के लोगों ने मशीन को बेकार कहकर फेंक दिया।

आगे उन्होंने कहा कि उस समय मुझे बताया गया कि मेरे पेपर उच्च अधिकारियों को भेजे गए हैं। इस बात को दो साल हो चुके थे और मैं इसे भूल चुका था। अभी मुझे पता चला कि पीएम मोदी ने मेरी खोज का जिक्र किया है। अब मैंने अपने प्रोजेक्ट का ग्लोबल पेटेंट करा लिया है।

पीएम मोदी ने ये किस्सा सुनाया था

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने 10 अगस्त को किस्सा सुनाते हुए बताया था- मैंने एक अखबार में पढ़ा कि एक शहर में नाले के पास एक व्यक्ति चाय बेचता था। उस व्यक्ति के मन में विचार आया कि क्यों न गंदे नाले से निकलने वाली गैस का इस्तेमाल किया जाए। उसने एक बर्तन को उल्टा करके उसमें सूराख कर लिया और पाइप लगा दिया। अब गंदे नाले से, गटर से जो गैस निकलती थी, उससे वह चाय बनाने लगा।


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