गणेश चतुर्थी: ऐसे करें गणपति बप्पा की पूजा, बनेंगे आपके सभी काम

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 13 , 2018 , 09:03 IST

गणपति बप्पा घर घर पधारने वाले हैं। जगह जगह विराजित होने वाले हैं। धार्मिक मान्यताओं की बात करें तो भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गणेश जी का जन्म हुआ था।   

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पूजन मुहूर्त-:

इस बार गणेश पूजन का मुहूर्त गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.35 बजे तक है।

कैसे करें गणेश पूजन-:

किसी भी देवी देवता को खुश करने, उनकी कृपा पाने के लिए सही तरीके और मनोभाव से पूजन अर्चन करना जरूरी होता है। ऐसे में गुरुवार को गणेश चतुर्थी के दिन शुभ मुहूर्त में गणपति की प्रतिमा को विराजित करें। वरुण कलश के साथ साथ रिद्धि सिद्धि के लिए गणेश जी की प्रतिमा के दोनों तरफ मंगल कलश रखें।

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पूजन में सबसे पहले स्वति वाचन करें, दीपक जलाएं और संकल्प लें। इसके बाद गजानन महाराज का इस मंत्र से ध्यान करें।

लम्बोदरं परम सुन्दर एकदन्तं

पीताम्बरं त्रिनयनं परमंपवित्रम्।

उद्यद्धिवाकर निभोज्ज्वल कान्ति कान्तं

विघ्नेश्वरं सकल विघ्नहरं नमामि।।

ध्यान के बाद गणपति महाराज को आसन दें। और फिर उन्हें पंचामृत और फिर गंगाजल से स्नान कराएं। ( धातु की मूर्ति होने पर) मिट्टी के होने पर केवल साफ कपड़े से साफ कर लें। इसके बाद वस्त्र चढ़ाएं। तिलक, सिंदुर लगाएं।  फिर जनेऊ, दूर्वा, इत्र, माला-फूल चढ़ाएं और फिर धूप, दीपक दिखाएं, इसके बाद भोग लगाएं। गणेश जी को मीठा पान जरूर चढ़ाएं। इसके बाद दक्षिणा चढ़ाकर इस मंत्र से उनकी स्तुति करें। गणेश पूजन में एक बात का ध्यान जरूर रखें कि पूजन के समय शिव पार्वती का ध्यान जरूर करें।

गजाननं भूतगणादि सेवितं

कपित्थ जम्बू फलचारुभक्षणम्। 


उमासुतं शोकविनाशकारकं

नमामि विघ्नेश्वपादपंकजम्।।

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पूजन सामग्री-:

पूजन में दूर्वा यानी दूब घास, जनेऊ, लाल चंदन, सिंदुर, गेंदा, गुड़हल, अर्क, कमल का फूल, केवड़े का इत्र जरूर होना चाहिए।

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गणेश जी के लिए भोग-:

भोग की बात करें तो गजानन महाराज को मोदक, लड्डू चढ़ाएं, जबकि फल में केला, अनार चढ़ाएं। गणेश पूजन के समय पुरु सुक्त, गणेश सुक्त का पाठ करें। अगर न कर सकें तो केवल ऊं गं गणपतये नम: का पाठ करते हुए पूजन सामग्री चढ़ाएं। और फिर आखिरी में आरती कर के पुष्पांजलि दें। इसके बाद क्षमा प्राथर्ना करें। गणेश जी के वाहन मूषक महाराज को भी भोग जरूर लगाएं।

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय, लम्बोदराय सकलाय जगद्धिताय!

नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय, गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते!!

गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक गणेश जी घर में विराजते हैं। ऐसे में इन दिनों हर रोज तीन समय भोग लगाएं। रोज दूर्वा चढ़ाना न भूलें।

-:आचार्य कमल नयन तिवारी