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मौनी अमावस्या: कुंभ में आज दूसरा शाही स्नान, लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 4 , 2019 , 10:31 IST

इस बार मौनी अमावस्या 4 फरवरी को पड़ी है। कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं। यह तिथि बेहद पवित्र मानी जाती है। इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्‍नान कर के अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं। इस दिन पितरों का तर्पण भी किया जाता है। ऐसा करने से उन्‍हें शांति मिलती है।

इस मौके पर अर्ध्य कुंभ मेले में बहुत बड़ा मेला भी लगता है, जिसमें लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ती है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान के लिए कुंभ में लाखों की तादाद में श्रद्धालु आस्था की डुबकी भी लगाते हैं। तर्पण, स्नान, दान आदि के लिए बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है। इस दिन जो लोग कुंभ में जाकर स्नान नहीं कर सकते हैं, वो घर में गंगाजल डालकर स्नान करें। मान्यता है कि पूरे मन से इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाए तो आयु लंबी होती है।

आस्था की डुबकी लगाने श्रद्धालु उमड़े

आज मौनी अमावस्या के मौके पर कुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े हैं। वहीं शाही स्नान में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए 10 अलग-अलग जोन बनाए गए हैं। इन 10 जोन को 25 सेक्टरों में बांटा गया और हर सेक्टर की जिम्मेदारी डिप्टी एसपी को दी गई है। श्रद्धालु और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए करीब 58 पुलिस चौकियां और 40 थाने स्थापित किए गए हैं।

वहीं अलग-अलग जगहों पर करीब 440 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से पूरे कुंभ की निगरानी रखी जा रही है। शाही स्नान के लिए 22 पंटून पुल और 40 घाट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा कुंभ में 90 से ज्यादा कंट्रोल वॉच टावर, 40 फायर वॉच टावर और करीब 40 फायर स्टेशन लगाए गए हैं। शीघ्र संचार के लिए एक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर और 12 वायरलेस ग्रिड भी स्थापित किए गए हैं।

भगवान मनु का हुआ था जन्म

हिंदू धर्म के मुताबिक, माघ अमावस्या के दिन भगवान मनु का जन्म हुआ था। मौनी अमावस्या नाम से ही स्पष्ट होता है, इस दिन मौन रहकर व्रत रखना चाहिए। इस दिन पवित्र जलाशय, नदियों में स्नान व पितरों का तर्पण करने से पितरों को शांति और कई गुना पुण्य मिलता है। मौन व्रत रखने से वाक्य सिद्धि की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या को गूंगी अमावस्या भी कहा जाता है। कुछ लोग स्नान से पहले मौन रहते हैं, तो कुछ व्रत रखकर मौन रहते हैं। इस दिन सूर्य नारायण को अर्घ्य देने से गरीबी और दरिद्रता दूर होती है। साथ ही सारी बीमारी और पाप दूर हो जाते हैं।

इस दिन ये काम ना करें

मौनी अमावस्या को लेकर एक और अहम बात कही जाती है कि इस दिन स्त्री और पुरुष को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। मौनी अमावस्या पर यौन संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान को जीवन में कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इन चीजों से जितना हो सके बचना चाहिए। मौनी अमावस्या का दिन देवता और पितरों का माना जाता है। इसलिए इस दिन पितरों को खुश करने के लिए जहां तक हो सके अपने गुस्से पर काबू रखें। किसी से बिना वजह गाली गलौज मारपीट न करें। शांत रहकर भगवान का नाम लें।

 


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