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चारा घोटाला: अब सजा का ऐलान कल, लालू प्रसाद ने लगाई रहम की गुहार

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 5 , 2018 , 17:37 IST

बिहार के चारा घोटाला से जुड़े देवघर ट्रेजरी मामले में शुक्रवार को लालू समेत 5 दोषियों की सजा पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। गुरुवार को पांच दोषियों के मामले में सुनवाई हुई थी। कुल मिलाकर अब तक 16 में से 10 आरोपियों की सजा पर सुनवाई हो चुकी है। इससे पहले, लालू ने कोर्ट से कम सजा देने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा- इस घोटाले में मेरा सीधा रोल नहीं था। मेरी उम्र और हेल्थ को देखते हुए कम सजा दी जाए।

लालू के वकील चितरंजन सिन्हा ने बताया कि कोर्ट अपना फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार को दो बजे फैसला सुनाएगा।

आरोपियों के वकीलों ने कम सजा की मांग की

सीबीआई के विशेष जज शिवपाल सिंह ने सुनवाई के दौरान लालू से कहा-आपके कई शुभचिंतक फोन कर रहे हैं, लेकिन मैं सिर्फ कानून का पालन करूंगा। सीबीआई के वकील ने आरोपियों को चार से सात साल तक की सजा देने की गुजारिश की। कहा- ऐसा होने से समाज में मैसेज जाएगा कि सरकारी खजाने को लूटने पर कड़ी सजा दी जाती है। इन्होंने बेदर्दी से सरकारी खजाने की लूट की है। अगर अलॉटमेंट 100 रु. का होता था, तो ये लोग 40 से 50 लाख तक की निकासी कर लेते थे। अपराध के तरीके और गंभीरता को देखते हुए रियायत की गुंजाइश नहीं है। वहीं, आरोपियों के वकील ने अपने क्लाइंट की बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें कम से कम सजा दी जानी चाहिए।

लालू की दलीलें

लालू अब जेल में हैं और वह वकील के सहारे जज साहब से अनुरोध कर रहे हैं कि उन्हें सजा कम दी जाए क्योंकि जेल में वो सुविधाएं नहीं हैं, जिसके वह अभ्यस्त रहे हैं। हालांकि चारा घोटाले के मामले में शुक्रवार को भी सजा का ऐलान नहीं हुआ. अब यह सजा शनिवार को दोपहर सुनाई जाएगी। खास बात यह है कि कम सजा पाने के लिए वो खुद और उनके वकील एक के बाद एक ऐसी दलीलें पेश कर रहे हैं जिस पर किसी को हंसी ही आ सकती है। अगर उन्होंने सत्ता में रहने के दौरान इन कमियों को दूर करने की कोशिश की होती तो आज उन्हें यह शिकायत नहीं करनी पड़ती।

जानते हैं जेल को लेकर क्या है उनकी शिकायतें

लालू बोले- मुझे किडनी की बीमारी

जेल को लेकर लालू की शिकायतें खत्म नहीं हो रही थी। शुक्रवार को कोर्ट में फैसला आने से पहले लालू की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। लालू की तरफ से वकीलों ने कम सजा दिलाने के लिए कुछ और बहाने किए। वकील की ओर से पेश दलील में कहा गया कि उन्हें किडनी की बीमारी है, डायबिटीज के मरीज हैं और उनके दिल का ऑपरेशन भी हो चुका है। इसलिए उन्हें कम से कम सजा दी जाए।

जेल में नहीं मिलता शुद्ध पानी

शायद वकीलों को लगा कि मामला बनता नहीं दिख रहा तो अब उन्होंने जेल की अव्यवस्था के बारे में शिकायत करने का दांव चला। वकीलों की अगल दलील थी, बिरसा मुंडा जेल में इन्फेक्शन होने का डर है इसलिए उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें कम सजा दी जाए। उनकी ओर से सबसे अनोखी दलील थी कि जेल में शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं है, इसलिए उनकी किडनी पर असर पड़ सकता है।

जेल में बहुत ठंड

इससे पहले रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू यादव ने उस समय शिकायत की कि जेल में ठंड बहुत है जब जज ने उनसे पूछा कि कोई दिक्कत तो नहीं है। लालू का जवाब सुनकर जज ने कहा, तो तबला बजाइए। जज शिवपाल सिंह ने लालू प्रसाद की ओर इशारा कर करते हुए एक और सवाल पूछा, "जेल में कोई दिक्कत तो नहीं?" जवाब में लालू ने कहा, "साहब जेल में मेरे परिचितों को मुझसे मिलने नहीं दिया जा रहा है." जिस पर जज ने कहा, "इसीलिए तो आपको अदालत में बुलाते हैं जिससे आप सबसे मिल सकें।


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