राजनीति

PM Modi का विरोध बेअसर, त्रिपुरा गवर्नर और राम माधव ने मूर्ति तोड़ने का किया समर्थन

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 7 , 2018 , 19:19 IST

भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक और सामाजिक प्रतीकों की मूर्तियों को गिराने की निंदा की हो, लेकिन त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय इस संबंध में अपने पूर्व में दिए बयान पर टिके रहे। रॉय ने इस संबंध में बुधवार को ट्वीट किया, 'यह एक आधारभूत सवाल है। हमनें इंडिया गेट से जॉर्ज वी को हटा दिया, क्वीन विक्टोरिया को उनके कोलकाता स्थित मेमोरियल से हटा दिया, ओरंगजेब रोड का नाम बदल दिया। क्या होगा अगर सरकार इसी तरह लेनिन की प्रतिमा को हटाने का फैसला करती है, लेनिन सरणी का नाम बदलती है? कोई जवाब?

लोकतांत्रिक रुप से चुनी गई सरकार नाम बदल सकती है, हटा सकती है

सबसे पहले आपको बता दें कि विक्टोरिया मेमोरियल के सामने से उनकी मूर्ति हटाए जाने का बयान गलत है। बता दें कि मंगलवार को उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार जो फैसला लेती है, लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई दूसरी सरकार उसे बदल भी सकती है।

राम माधन ने कहा- लेनिन कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं थी

वहीं बीजेपी नेता राम माधव ने भी मूर्ति गिराए जाने का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'लोग लेनिन की मूर्ति गिरा रहे हैं... रूस में नहीं, त्रिपुरा में, चलो पलटाई'। (उनके ट्वीट के आखिरी दो शब्दों बंगाली हैं, जिनका मतलब है; आओ बदलें)
इस ट्वीट का आलोचना होने के बाद राम माधव ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया, लेकिन इसके अगले दिन उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराए जाने का समर्थन किया। इसके पीछे उन्होंने दलील दी कि क्योंकि वह मूर्ति पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं थी, इसलिए उसे गिराया जाना गलत नहीं है।

बुधवार को ही एक और बीजेपी नेता ने तमिलनाडु के दलित आइकन माने जाने वाले पेरियार की मूर्ति गिराए जाने का भी समर्थन किया। इस ट्वीट के बाद कुछ लोगों ने वेल्लूर में पेरियार की मूर्ति पर पत्थर भी फेंके।


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Lalin ke stachu hatana correct ha. Russia ma he followers nahe ha.