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महाराष्‍ट्र: आजाद मैदान में रुका किसानों का हुजूम, सरकार बातचीत को तैयार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 12 , 2018 , 08:33 IST

पूर्ण कर्ज माफी और अन्य मांगों को लेकर महाराष्ट्र के 30 हजार से ज्यादा किसान विधानसभा का घेराव करने जा रहे हैं। पैदल रैली निकाल रहा ये किसानों का रेला मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गया है।

कर्जमाफी समेत विभिन्न मांगों को लेकर नासिक से पैदल चले ये किसान सोमवार सुबह विधानसभा पहुंचकर वहां प्रदर्शन करेंगे। किसानों के मोर्चे को नियंत्रित करने के लिए 45 हजार पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, एसआरपी और रैपिड ऐक्शन फोर्स को भी तैयार रखा गया है।

बताया जा रहा है कि मुंबई में बच्चों की परीक्षा को देखते हुए किसानों ने 11 बजे के बाद प्रदर्शन करने का फैसला किया है। इस बीच किसानों के घेराव और 1993 के बम धमाके की 25वीं बरसी को देखते हुए प्रशासन द्वारा मुंबई और आसपास सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं।

आंदोलनकारी किसान सोमवार को विधानभवन जाकर अपनी मांगें रखेंगे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि किसानों को आजाद मैदान पर ही रोक दिया जाएगा। उधर, सोमवार को किसानों के विधानसभा घेराव को लेकर पुलिस ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है।

रविवार को भी पुलिस ने यातायात मार्ग में बदलाव किया। सुबह नौ बजे से रात दस बजे तक यातायात मार्ग में बदलाव किए गए हैं। ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे से दक्षिण की ओर जाने वाले मार्ग पर आनंद नगर टोल नाका, मुलुंड से सोमैया मैदान और सायन तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद किया गया है।

सरकार किसानों से करेगी बात-:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात कहा कि उनकी सरकार किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने आंदोलनरत किसानों से सोमवार को शहर में यातायात नहीं रोकने की भी अपील की है। ताकि शहर में दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर जाने में दिक्कत न हो।

फडणवीस ने कहा है कि सरकार उनसे बात करेगी और उनके मुद्दों को सुलझाएगी। सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है। उन्होंने कहा, 'उनकी मांगों पर चर्चा के लिए हमने मंत्रियों की एक समिति बनाई है। हमने उन्हें (किसान नेताओं) को बातचीत के लिए बुलाया है।

ये हैं किसानों की मांग-:

-: आंदोलन कर रहे किसानों की पहली मांग पूरे तरीके से कर्जमाफी है। बैंकों से लिया कर्ज किसानों के लिए बोझ बन चुका है. मौसम के बदलने से हर साल फसलें तबाह हो रही है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि उन्हें कर्ज से मुक्ति मिले।

-: किसान संगठनों का कहना है कि महाराष्ट्र के ज्यादातर किसान फसल बर्बाद होने के चलते बिजली बिल नहीं चुका पाते हैं। इसलिए उन्हें बिजली बिल में छूट दी जाए।

-: फसलों के सही दाम न मिलने से भी वो नाराज है। सरकार ने हाल के बजट में भी किसानों को एमएसपी का तोहफा दिया था, लेकिन कुछ संगठनों का मानना था कि केंद्र सरकार की एमएसपी की योजना महज दिखावा है।

-: किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें भी लागू करने की मांग किसान कर रहे हैं।


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