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2008 मालेगांव ब्लास्ट: कर्नल पुरोहित के बाद 2 और आरोपियों को मिली जमानत

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 19 , 2017 , 16:54 IST

2008 में मालेगांव विस्फोट मामले के एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को दो प्रमुख आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी और सुहार द्विवेदी को समानता के आधार पर जमानत दे दी है। दोनों को 50 हजार रुपये की जमानत राशि और अन्य शर्तो के साथ जमानत दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीते महीने लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद एस. पुरोहित को जमानत दिए जाने के बाद चतुर्वेदी और द्विवेदी, उर्फ दयानंद पांडेय ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी। पुरोहित मालेगांव मामले में प्रमुख आरोपी हैं।

इससे पहले, इस मामले में एक अन्य प्रमुख आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बॉम्बे हाई कोर्ट जमानत पर रिहा कर चुका है। साध्वी को स्वास्थ्य और दूसरे आधारों पर करीब 9 साल की हिरासत के बाद जमानत दी गई।

Blast

महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में भीड़भाड़ वाली नूरजी मस्जिद के पास 29 सितंबर, 2008 को जुम्मे की नमाज के बाद शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में 6 लोग मारे गए थे, जबकि 100 लोग घायल हो गए थे। मालेगांव मुंबई से उत्तर में करीब 300 किलोमीटर दूर है।

बता दें कि, मस्जिद के पास किए गए इस विस्फोट को कांग्रेस ने 'भगवा आतंकवाद' नाम दिया था, क्योंकि पकड़े गए आरोपियों का ताल्लुक हिंदूवादी संगठनों से है। केंद्र में सत्ता बदलने के बाद इस मामले की जांच कर रही एनआईए का मन भी बदला। एनआईए की क्लीनचिट पर पहले साध्वी प्रज्ञा छूटीं, उसके बाद पुरोहित। समानता के आधार पर दो और को जमानत मिल गई है। सवाल यह है कि अगर ये निर्दोष हैं, तो दोषी कौन है? आतंकवादी घटना की जांच अगर इसी तरह होती रही तो एनआईए पर भरोसा कौन करेगा।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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