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मंदसौर: हैवानियत की शिकार मासूम ने मां से कहा - 'मुझे ठीक कर दो या मार डालो'

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
2016
| जून 30 , 2018 , 11:04 IST

मध्य प्रदेश के मंदसौर में हैवानियत की शिकार सात साल की मासूम अभी भी इंदौर के एमवाई हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। बच्ची के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गई थी, जिसके चलते बच्ची इस कदर दर्द और सदमे में है कि होश में आने पर उसने अपनी मां से कहा 'मां मुझे ठीक कर दो या मार डालो'।

निर्भया कांड जैसे बर्बर सामूहिक दुष्कर्म के चौथे दिन दूसरा आरोपी आसिफ भी पकड़ा गया। उसने पुलिस के सामने कबूला कि स्कूल के गेट पर बच्ची को अकेला देख वो और इरफान उसे बहलाकर अपने साथ ले गए थे। वहीं, घटना को लेकर प्रदेश में जबरदस्त आक्रोश है। मंदसौर सहित पूरे रतलाम अंचल में प्रदर्शन हुए। नीमच के अलावा कई गांव भी बंद रहे। आरोपी इरफान के गांव रिंगनोद के लोगों ने कहा है कि फांसी हुई तो गांव में उसका शव नहीं दफनाने देंगे। लोगों की एक ही मांग है- आरोपियों को फांसी दो। इससे कम सजा मंजूर नहीं। उधर, इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती मासूम की हालत गंभीर बनी हुई है। बच्ची इस कदर सहमी हुई है कि कोई डॉक्टर या नर्स इंजेक्शन भी लगाए या उसे छुए भी तो वह दर्द से कराह उठती है। बता दें कि बच्ची जब हॉस्पिटल लाई गई, उस समय उसकी हालत इतनी खराब थी कि डॉक्टरों को सात घंटे तक बच्ची का ऑपरेशन करना पड़ा था।

दादी की गुहार- दरिंदों को यातना से गुजारो: बच्ची के साथ हैवानियत के विरोध में मंदसौर में प्रदर्शन हुआ। महिलाओं और बच्चियों का आक्रोश सड़क पर आ गया। सभी ने एक सुर में दरिंदों को फांसी देने की मांग की। गांधी चौराहे से जुलूस निकाला। आजाद चौक पर एसपी को ज्ञापन सौंपा। यहां एसपी ने बच्ची को बहादुर बताते हुए उसे ब्रेवरी अवाॅर्ड दिलाने का प्रयास करने का दावा किया। इधर, बच्ची की दादी ने सरकार से गुहार लगाई की दरिंदों को भी फांसी देने से पहले ऐसी ही यातना से गुजारा जाए जैसी पीड़ा मेरी बिटिया ने सही है। बच्ची का इलाज कर रहे डॉ. ब्रजेश लाहोटी ने बताया कि ऑपरेशन कर उसके क्षतिग्रस्त अंगों को रिपेयर किया है, लेकिन अब उसे संक्रमण से बचाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। उसके घाव भरने में दो हफ्ते लगेंगे। उसके पूरे शरीर में पटि्टयां बंधी हैं।

लड्‌डू का लालच देकर बच्ची को साथ ले गए: पुलिस को दूसरे आरोपी आसिफ ने बताया की वो इरफान के साथ सरस्वती शिशु मंदिर के गेट के सामने खड़ा था। बच्ची को देखकर उनकी नीयत बदली। फिर इरफान बच्ची को लड्डू का लालच देकर अपने साथ ले गया। आसिफ उसके पीछे-पीछे एक निश्चित दूरी बनाकर चलता रहा। बाद में लक्ष्मण दरवाजे के पीछे दोनों ने बच्ची के साथ दरिंदगी की और उसे मरने के लिए झाड़ियों में फेंक दिया।

हाईकोर्ट में याचिका, एम्स में हो इलाज: इधर शुक्रवार को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में दायर जनहित याचिका में मांग की गई है कि बच्ची का इलाज नई दिल्ली स्थित एम्स में सरकारी खर्च पर कराया जाए। आनंद ट्रस्ट की ओर से सत्यपाल आनंद द्वारा दायर याचिका में राज्य सरकार को जवाबदार मानते हुए उसे बर्खास्त करने की भी मांग की गई है। याचिका में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पक्षकार (रिस्पांडेंट) बनाया गया है।

'सांसद जी आए हैं, धन्यवाद करो': मंदसौर के भाजपा सांसद सुधीर गुप्ता अस्पताल में बच्ची का हाल जानने पहुंचे। यहां भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता ने बच्ची के माता-पिता से कहा- सांसद जी आपसे मिलने आए हैं, इनका धन्यवाद करो। वहीं कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि भाजपा इस कांड को सांप्रदायिक रंग दे रही है।


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