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J&K: उरी के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला, IED ब्लास्ट में CRPF के 37 जवान शहीद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 15 , 2019 , 14:44 IST

जम्मू से श्रीनगर जा रही सीआरपीएफ की 70 गाड़ियों के काफिले पर कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया। हमले में 18 जवान शहीद हो गए, 20 घायल हैं। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश के आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने दोपहर 3:15 बजे यह फिदायीन हमला किया। उसने एक गाड़ी में विस्फोटक भर रखे थे। जैसे ही सीआरपीएफ का काफिला लेथपोरा से गुजरा, आतंकी ने अपनी गाड़ी जवानों से भरी बस से टकरा दी। पुलवामा के काकापोरा का रहने वाला आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था।

जैश ने की पुष्टि, वकास कमांडो ने किया हमला

जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने एक लोकल मीडिया से कहा कि हमारा संगठन सीआरपीएफ के काफिल पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेता है। इस फिदायीन हमले को आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने अंजाम दिया। वह पुलवामा के गुंडी बाग से ऑपरेट करता था।

विस्फोटकों से लदी गाड़ी से मारी टक्कर

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी लेकर आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले की बस में टक्कर मार दी। हमले के बाद जवानों को तुरंत श्रीनगर के हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि काफिले की जिस बस को आतंकियों ने निशाना बनाया, उसमें 35 जवान सवार थे। आत्मघाती हमलावर आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था।

सीआरपीएफ के काफिले में 70 गाड़ियां

दर्जनों घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराकर उनका इलाज किया जा रहा है। इनमें से कई जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिस काफिले पर यह हमला हुआ, वह जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था और इसमें 2 हजार से अधिक जवान शामिल थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीआरपीएफ के जिस काफिले पर हमला किया गया, उसमें 70 वाहन शामिल थे। इन्हीं में से एक गाड़ी आतंकियों के निशाने पर थी। सीआरपीएफ जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर आ रहा था। हमले के बारे में सीआरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस जांच कर रही है। घायल जवानों को अस्पताल शिफ्ट किया गया है और विस्फोट स्थल पर छानबीन की जा रही है।

वकास का घर जलाने के बाद जैश ने जून में किया था ग्रेनेड अटैक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीनगर के बादशाह चौक में 2 जून 2018 को सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड अटैक किया गया था। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी। इससे पहले सुरक्षाबलों ने 31 मई की रात को वकास कमांडो का घर जला दिया था। सेना के इस एनकाउंटर में वकास बच निकला था।


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