राजनीति

महबूबा भी करेंगी पंचायत चुनाव का बहिष्कार, बोलीं- 'मौत तक लड़ेंगे 35A की लड़ाई'

icon सतीश कुमार वर्मा | 0
2027
| सितंबर 10 , 2018 , 16:40 IST

पीडीपी ने एक बार फिर से राज्य में पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की घोषना कर दी है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फेंस भी इसका बहिष्कार कर चुका है। पीडीपी ने भी अनुच्छेद 35A हवाला देते हुए चुनाव से हटने का फैसला किया।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी की एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद राज्य में अनुच्छेद 35ए को बरकरार रखने का समर्थन किया है। महबूबा ने कहा है कि वह अंतिम सांस तक जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बनाए रखने की लड़ाई लड़ेंगी, क्योंकि अनुच्छेद 35ए के तहत मिला विशेष दर्जा राज्य के हर व्यक्ति के जीवन से जुड़ा विषय है।

आपतको बता दें कि एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान महबूबा ने कहा कि जब तक पीडीपी भी प्रस्तावित पंचायत चुनावों का बहिष्कार करेगी। इसके अलावा प्रदेश के विशेष दर्जे को बरकरार रखने के लिए हर मोर्च पर लड़ाई जारी रहेगी। महबूबा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में हाल में बने भय और अनिश्चितता के माहौल के बीच कोई भी चुनाव कराना गलत होगा और इसकी विश्वसनीयता पर सवाल भी खड़े होंगे। ऐसे में पीडीपी ने यह फैसला किया है कि वह इस चुनाव में तब तक उम्मीदवारी नहीं करेगी, जब तक की अनुच्छेद 35ए पर बना अनिश्चितता का माहौल खत्म नहीं हो जाता।

फारूक नें भी पहले किया था बहिष्कार

बता दें कि महबूबा मुफ्ती से पहले राज्य के पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला ने भी 35ए के मुद्दे पर पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया था। फारुक ने कहा था कि जब तक केंद्र की सरकार 35ए पर राज्य के लोगों के मन में व्याप्त संशय की भावना का समाधान नहीं करती, तब तक नैशनल कॉन्फ्रेंस पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी।

पहले भी कई अटकले लगाई जा चुकी है

फारुक के इस ऐलान के बाद से ही यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि पीडीपी भी पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर सकती है, हालांकि पूर्व में महबूबा की पार्टी ने यह मांग की थी कि केंद्र को इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। इसके बाद सोमवार को महबूबा ने पार्टी के कई सीनियर नेताओं के साथ बैठक की और फिर यह ऐलान किया कि पीडीपी भी इन चुनावों में हिस्सा नहीं लेगी।


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सतीश कुमार वर्मा

लेखक न्यूज वर्ल्ड इंडिया में वेब जर्नलिस्ट हैं

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