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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, एक ही राज्य में ले सकेंगे SC/ST आरक्षण का लाभ

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 30 , 2018 , 17:43 IST

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी में आरक्षण पर बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, SC/ST आरक्षण के तहत सेवा या नौकरी में लाभ पाने वाला व्यक्ति किसी दूसरे राज्य में उसका फायदा नहीं ले सकता है। 5 जजों की बेंच ने 4-1 से फैसला देते हुए कहा कि आरक्षण का लाभ एक राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश की सीमा तक ही सीमित रहेगा। जबतक कि वहां उसकी जाति सूचीबद्ध न हो। दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वालों को अनुसूचित जाति से संबंधित आरक्षण केंद्रीय सूची के हिसाब से मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लिये अखिल भारत स्तर पर आरक्षण का नियम विचार करने योग्य होगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के लिये आरक्षण का लाभ एक राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश की सीमा तक ही सीमित रहेगा।

कोर्ट ने साथ ही कहा कि एक राज्य के एससी-एसटी समूह के सदस्य दूसरे राज्य के सरकारी नौकरी में आरक्षण लाभों का तब तक दावा नहीं कर सकते जब तक उनकी जाति वहां सूचीबद्ध नहीं हो।

सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वपूर्ण फैसले में कहा, 'एक राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति को दूसरे राज्य के नौकरी में इस जाति को मिलने वाले आरक्षण नही मिलेगा। राज्य सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति की लिस्ट में खुद से बदलाव नही कर सकती बल्कि यह राष्ट्र्पति के अधिकार के दायरे में है।

राज्य सरकार संसद की अनुमति से ही लिस्ट में बदलाव कर सकता है।' शीर्ष अदालत ने साफ किया कि एससी-एसटी के लिए आरक्षण का लाभ एक राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश की सीमा तक ही सीमित रहेगा।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी आदेश दिया है कि कोई भी राज्य सरकार अपनी मर्जी से अनुसूचित जाति, जनजाति की लिस्ट में कोई बदलाव नहीं कर सकती है। ये अधिकार सिर्फ राष्ट्रपति का ही है या फिर राज्य सरकारें संसद की सहमति से ही लिस्ट में कोई बदलाव कर सकती है।

हालांकि, जो व्यक्ति राजधानी दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वालों को अनुसूचित जाति से संबंधित आरक्षण केंद्रीय सूची के हिसाब से मिलेगा। आपको बता दें कि एक अन्य मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जिसमें ये तय होना है कि क्या सरकारी नौकरी में मिलने वाले प्रमोशन में भी एससी/एसटी वालों को आरक्षण मिलना चाहिए या नहीं।


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