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माइक्रोसॉफ्ट CEO नडेला ने कहा, विंडोज-फेसबुक को चुनौती दे रहा है आधार कार्ड

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 26 , 2017 , 18:35 IST

भारत का आधार आइडेंटिटी सिस्टम विंडोज, एंड्रॉएड या फेसबुक जैसे इनोवेटिव प्लेटफॉर्म की ग्रोथ को चुनौती दे रहा है। ये बातें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने अपनी बुक 'हिट रिफ्रेश' में कही हैं, उनकी ये किताब माइक्रोसॉफ्ट इग्नाइट 2017 कॉन्फ्रेंस में रिलीज की गई। नडेला ने कहा कि भारत ने डिजिटल और टेक्नोलॉजिकल दुनिया में ऊंची छलांग लगाई है।

नडेला ने हिट रिफ्रेश में लिखा है कि आधार अब 100 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच गया है। अब ये विंडोजस, एंड्रॉएड या फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म के इनोवेशंस को चुनौती दे रहा है। नाडेला ने भारत में नए डिजिटल इकोसिस्टम इंडिया स्टैक की तारीफ की। उन्‍होंने लिखा है कि इंडिया स्टैक एप्लीकेशन प्रोग्राम इंटरेफेस (APIs) का सेट है, ये सरकार, बिजनेस, स्टार्टअप और डेवलपर्स को ऐसा यूनीक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराता है, जो भारत में होने वाली कई प्रॉब्ल्स को पेपरलेस, कैशलेस होने की वजह से दूर करता है।

उन्‍होंने अपनी किबात में लिखा है कि कभी कमजोर इन्फ्रास्ट्रक्चर वाला भारत अब ऊंची छलांग लगा रहा है। ये देश अब डिजिटल टेक्नोलॉजी को लीड कर रहा है। इंडिया स्टैक भारत के लोगों का पेपरलेस, प्रेजेंसलेस, कैशलेस इकोनॉमी से परिचय करवा रहा है।

बुक में नडेला ने अपनी बुक में बेंगलुरू यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "बेंगलुरू ट्रिप के दौरान नंदन नलेकणी के साथ इंडिया स्टैक और उसके फ्यूचर रोडमैप पर बात हुई। नंदन इन्फोसिस के लीजेंडरी फाउंडर हैं, जिन्होंने भारत सरकार के आधार पर काम किया, जो इंडिया स्टैक का केंद्र है।"

नडेला ने लिखा, "भारत की लीडिंग हेल्थ कंपनी प्रैक्टो ने एक स्टार्टअप अपने हाथ में लिया है, एनलाइटिक्स। मैंने इसके फाउंडर से मुलाकात की। ये लोग माइक्रोसॉफ्ट की लेटेस्ट क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक सर्विस के नए आइडिया में कर रहा है। मिसाल के तौर पर आप को दिल की बीमारी का पता उसके होने से पहले ही चल जाएगा, क्योंकि पेशेंट की पर्सनल डिवाइस से डाटा सीधे क्लाउड पर जा रहा है। बदले में क्लाउड की सर्विस छोटे इलाकों और गांवों के हॉस्पिटल में भी मिल सकेगी।

इलाइटिक्स जैसे स्टार्टअप यूजर की पहचान, पेमेंट लेने और पोर्टल मेडिकल रिकॉर्ड बनाने जैसी चीजों और इससे भी ज्यादा कामों के लिए इंडिया स्टैक की मदद लेंगे। भारत के ये इनोवेशंस अब यूएस और अफ्रीका में भी बढ़ रह हैं।'

"ये सारी बातें केवल चीन और इंडिया में ही नहीं हैं। मैंने चिली, इंडोनेशिया, पोलैंड, फ्रांस, जर्मनी और जापान में भी यही देखा है। मेरी इजिप्ट की सबसे पहली विजिट पर ये दिखा था कि ये अब लोगों में इन्वेस्ट कर रहे हैं।"


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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