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2 साल बाद वापस मिली ‘लापता’ पाकिस्तानी पत्रकार, ‘भारतीय जासूस’ का कर रही थीं पीछा

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 21 , 2017 , 10:13 IST

दो साल से ज्यादा समय से लापता पाकिस्तानी पत्रकार जीनत शहजादी को सुरक्षा बलों ने ढूंढ लिया है। शहजादी अगस्त 2015 में लाहौर से उस समय लापता हुई थीं, जब वह जासूसी के आरोपी भारतीय कैदी की खबर पर काम कर रही थी। जीनत को गैर मुल्क के और विरोधी एजेंसियों ने अगवा कर लिया था, जिसे अब बरामद कर लिया गया है। उन्होंने कहा, 'बलूचिस्तान और खैबर पखतूनख्वा के आदिवासी बुजुर्गो ने जीनत को खोजने में काफी मदद की। जीनत को बुधवार को पाक-अफगान सीमा से बरामद किया गया है।

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पाक की खुफिया एजेंसी ने जीनत को किया था अगवा

जीनत के परिवार और मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया था कि उसका अपहरण पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने किया है। 25 साल की जीनत एक फ्रीलांस रिपोर्टर है, जिसने लापता लोगों के लिए आवाज उठाई थी। सोशल मीडिया के जरिए जीनत लापता भारतीय हामिद अंसारी की मां फौजिया अंसारी के सम्पर्क में आ गई थी।

पाक आर्मी ने स्वीकारा कि जीनत उसके कब्जे में है

इसके बाद जीनत ने फौजिया की तरफ से पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की मानवाधिकार सेल में निवेदन देकर हामिद को खोजने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। इसका नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को कमीशन के सामने यह स्वीकार करना पड़ा कि हामिद उनकी कस्टडी में है। शहजादी के परिवार के लोगों ने ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट को बताया कि जीनत के लापता होने से पहले भी सुरक्षा बलों ने उसे चार घंटे के लिए हिरासत में लिया था और उससे हामिद के बारे में पूछताछ की थी।

जासूसी के आरोप में 3 साल के लिए जेल भेज दिया गया था

2015 में हामिद को जासूसी के आरोप में 3 साल के लिए जेल भेज दिया गया था। उसी साल शहजादी भी लापता हो गई थी। शहजादी के गुमशुदा होने की खबर उस समय पाकिस्तान में चर्चा का विषय बनी थी, जब उसके 17 साल के भाई सद्दाम ने मार्च 2016 में आत्महत्या कर ली थी।

 

 


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