नेशनल

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, तीन तलाक पर अध्यादेश को दी मंंजूरी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1468
| सितंबर 19 , 2018 , 12:59 IST

मोदी कैबिनेट ने बुधवार को तीन तलाक से संबंधित अध्यादेश को पारित कर दिया है। मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल पर आध्यादेश पर मुहर लगा दी है। तीन तलाक बिल पिछले दो सत्रों से राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था। अब कैबिनेट ने इस पर अध्यादेश पारित किया है।

तीन तलाक बिल का राज्यसभा में कड़ा विरोध हुआ था। विपक्षी नेताओं ने मांग की थी कि इस बिल को कड़े परीक्षण के लिए संसदीय समिति के पास भेजा जाना चाहिए। प्रस्तावित कानून पर बढ़ते विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर सभी राज्य सरकारों से राय भी मांगी थी। ज्यादातर राज्य सरकारों ने इसका समर्थन किया था।

इस अध्यादेश में मुस्लिम वीमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट की तरह ही प्रावधान होंगे। इस बिल को पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में पारित कर दिया गया था। हालांकि राज्यसभा में जहां सरकार के पास संख्याबल कम है वहां हंगामे के चलते इस बिल पर बहस भी नहीं हो पाई थी।

इस बिल के तहत तुरंत तीन तलाक या तलाक-ए-बिद्दत को अपराध की श्रेणी में रखा गया। अपनी पत्नी को एक बार में तीन तलाक बोलकर तलाक देने वाले मुस्लिम पुरुष को तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। इस बिल में मुस्लिम महिला को भत्ते और बच्चों की परवरिश के लिए खर्च को लेकर भी प्रावधान है। इसके तहत मौखिक, टेलिफोनिक या लिखित किसी भी रूप में एक बार में तीन तलाक को गैर-कानूनी करार दिया गया है।

संशोधित तीन तलाक बिल की मुख्य बातें

  1. एक बार में तीन तलाक बिल की पीड़ित महिला मुआवजे की हकदार।
  2. मजिस्ट्रेट को पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी बरकरार रखने का अधिकार होगा।
  3. ट्रायल से पहले पीड़िता का पक्ष सुनकर मजिस्ट्रेट दे सकता है आरोपी को जमानत।
  4. पीड़िता, परिजन और खून के रिश्तेदार ही एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।

 


कमेंट करें