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करप्शन पर मोदी सरकार की नई नीति, भ्रष्ट अफसरों को नहीं मिलेगा पासपोर्ट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 30 , 2018 , 10:14 IST

सरकारी तंत्र से करप्शन को कम करने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त या फिर आपराधिक मामलों में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों और नौकरशाहों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में दोषी या आरोपी अधिकारियों को पासपोर्ट नहीं दिया जाएगा या रोक दिया जाएगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, यदि किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोई जांच चल रही है या वह दोषी पाया गया है, अथवा उसके खिलाफ इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज की गई है, तो उसे पासपोर्ट नहीं दिया जाएगा। सरकार ने पासपोर्ट के लिए जो संशोधित गाइडलाइन जारी किया है उसके मुताबिक ऐसे अधिकारियों को पासपोर्ट जारी करने के लिए सतर्कता मंजूरी नहीं दी जाएगी।

उस अधिकारी के खिलाफ भी सतर्कता मंजूरी रोकी जा सकती है, जिस पर किसी मामले में संदेह हो, जिसके खिलाफ चार्जशीट जारी तो हो गया हो, लेकिन अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित हो।

अगर किसी आपराधिक मामले में जांच एजेंसी द्वारा कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया जा चुका हो और केस पेंडिंग हो, भ्रष्टाचार निरोधक कानून या किसी अन्य आपराधिक मामले में सक्षम प्राधिकरण द्वारा जांच की मंजूरी दी जा चुकी हो और अनुशासनात्मक कार्रवाई में अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया हो और कार्यवाही पेंडिंग हो तो ऐसी स्थिति में भी सतर्कता विभाग से पासपोर्ट के लिए मंजूरी नहीं मिलेगी।

साथ ही कहा गया है कि मामले पर अंतिम फैसला पासपोर्ट जारी करने वाला प्राधिकरण लेगा। सिविल सेवा अधिकारियों को भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए सतर्कता विभाग से मंजूरी की जरूरत होती है।

मंत्रालय ने सभी केंद्रीय सरकारी विभागों के सचिवों को जारी आदेश में कहा कि ऐसी स्थितियां भी हो सकती हैं जिसमें सिविल सेवकों के विदेशों में रह रहे परिजन को मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है या कोई पारिवारिक कार्यक्रम हो सकता है। खुद अधिकारी को चिकित्सा कारणों से विदेश जाने की जरूरत हो सकती है। ऐसी स्थिति में फैसले पर विचार किया जा सकता है। लेकिन एक पॉलिसी के तौर पर अगर अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित है तो उसे पासपोर्ट जारी नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि किसी अधिकारी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला चल रहा हो तो उसका पासपोर्ट रोक देने का नियम पहले से है, लेकिन अब भ्रष्टाचार के मामले में भी ऐसा किया जा रहा है।

नए नियम में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ कोई निजी एफआईआर दर्ज किया गया है तो किसी सक्षम एजेंसी द्वारा चार्जशीट दाखिल हुआ हो तो ही उसे पासपोर्ट देने से इंकार किया जाएगा।


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