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दावोस के लिए रवाना हुए मोदी, इंडियन इकॉनमी का दमखम बताएंगे PM

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 22 , 2018 , 09:34 IST

पीएम मोदी स्विट्जरलैंड के दावोस में होने जा रही (WEF) विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आज रवाना हो गए। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानंत्री इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगा।

अपनी यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने कहा है कि वो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भविष्य में भारत के संबंधों पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि समकालीन वैश्विक व्यवस्था की वर्तमान और भावी चुनौतियों पर विश्व के नेताओं को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

विश्व आर्थिक मंच (डब्लूईएफ) के सम्मेलन के लिए स्विट्जरलैंड के शहर दावोस रवाना होने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कई ट्वीट किए।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया के साथ भारत के संबंध वास्तविक और प्रभावी तौर से बहुआयामी बने हैं जिसमें राजनीतिक, आर्थिक, लोगों से लोगों में संपर्क, सुरक्षा और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री मंगलवार को डब्लूईएफ में उद्घाटन भाषण देंगे।

मोदी ने दावोस यात्रा से एक दिन पहले कहा कि भारत का अन्य देशों के साथ संबंधों का हालिया वर्षों में विस्तार हुआ है। बाहरी दुनिया के साथ देश के संबंध ‘वास्तवित रूप से बहुआयामी हुए हैं जिनमें राजनीतिक, आर्थिक, सामान्य जन के स्तर पर, और सुरक्षा तथा अन्य आयाम शामिल हैं।’

इंडियामीन्सबिजनेस हैशटैग (INDIAMEANSBUSINESS) के साथ किए गये एक के बाद एक कई ट्वीट में मोदी ने कहा, ‘‘दावोस में मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भारत के भविष्य के संबंधों के बारे में अपनी राय रखूंगा।

उन्होंने कहा कि उन्हें वहां स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बेरसेट तथा स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के साथ द्विपक्षीय बैठक का इंतजार है। मोदी ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि द्विपक्षीय मुलाकातें फलदायी होंगी और इन देशों के साथ हमारे संबंध तथा आर्थिक सहयोग मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘समकालीन अंतरराष्ट्रीय प्रणाली और वैश्विक सरकारी ढांचे के समक्ष मौजूदा तथा उभर रही चुनौतियों पर नेताओं, सरकारों, नीति निर्माताओं, कॉरपोरेट तथा सामाजिक संगठनों द्वारा गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।’’

उन्होंने सम्मेलन के मुख्य मंत्र ‘क्रिएटिंग अ शेयर्ड फ्यूचर इन अ फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड’ (बंटी हुए संसार के साझे भविष्य का सृजन) को विचारपूर्ण और उचित बताते हुए कहा, ‘‘मुझे भारत के अच्छे दोस्त तथा मंच के संस्थापक प्रोफेसर क्लाउस श्वाब के निमंत्रण पर दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने का इंतजार है।

पीएम मोदी के साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल इस कार्यक्रम में हिस्सा लेगा। इसमें करीब 6 केंद्रीय मंत्री, 100 सीईओ और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।

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मोदी के साथ वित्त मंत्री अरूण जेटली, रेल मंत्री पीयूष गोयल तथा पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान भाग ले सकते हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस भी डब्लयूईएफ की बैठक में भाग लेंगे।

आपको बता दें कि इस सालाना बैठक में 60 देशों के प्रमुखों समेत 350 राजनीतिज्ञ हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में दुनिया की महत्वपूर्ण कंपनियों के मुख्य CEO समेत तथा विभिन्न क्षेत्रों से करीब 3,000 नेता भाग लेंगे. ऐसा बीस साल बाद होगा, जब कोई भारतीय पीएम इस कार्यक्रम में हिस्सा लेगा।

इससे पहले, 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल के दौरान इस फॉरम में नहीं गए थे।


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