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Movie Review: कंगना की एक्टिंग के अलावा सिमरन में है ही क्या ?

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 15 , 2017 , 14:19 IST

कंगना रनोट की फिल्म सिमरन 15 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म से कंगना के फैंस को काफी उम्मीदे हैं, लेकिन मूवी रिव्यू से लग रहा है कि 'क्वीन' इस बार अपना जादू चलाने में कामयाब नहीं हुई हैं।

हंसल मेहता की यह फ़िल्म अत्यंत साधारण फ़िल्म है! फ़िल्म शुरू होने के कुछ समय तक तो आपको समझ ही नहीं आता कि आखिर हो क्या रहा है? लेकिन, आप उसके साथ आनंद ले पाते हैं। मगर एक जैसे ही दृश्य इंटरवल तक लगातार चलते रहते हैं तो आप बेसब्री से इंटरवल का इंतजार करते हैं। जैसे-तैसे इंटरवल होता है और आपको लगता है कि शायद अब कहानी आगे बढ़ेगी। मगर इंटरवल के बाद फिर आप को निराशा ही हाथ लगती है क्योंकि वैसे ही कहानी आगे भी चलती हुई नज़र आती है।

फिल्म की कहानी-

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक हंसल मेहता ने 'सिमरन' को डायरेक्ट किया है। यह कहानी प्रफुल्ल पटेल की है, जो अमेरिका में रहती है। प्रफुल्ल बिंदास रहती है, लड़कों से जमकर फ्लर्ट करती है। सीधी-सादी दिखने वाली लड़की को जुएं की लत होती है। वह पहले तो बहुत पैसे जीतती है, लेकिन धीरे-धीरे वह नशे में सारा पैसा हार जाती है। इसके बाद प्राइवेट लैंडर पैसा वसूलने के लिए प्रफुल्ल के पीछे पड़ जाता है।प्रफुल्ल के पिता उसे किसी वजह से 50 हजार डॉलर देने से मना कर देते हैं। इसके बाद उसके पास कोई चारा नहीं बचता है और वह अमेरिका में लूटपाट करना शुरू कर देती है। आखिर में क्या होता है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखने जाना पड़ेगा।

डायरेक्शन-

फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है। जैसा कि फिल्म की शूटिंग विदेश में हुई है ऐसे में यहां काफी अच्छी लोकेशन देखने को मिली हैं। बात अगर कहानी की करें तो ये कहीं-कहीं न सिर्फ कमजोर जान पड़ती है बल्कि निराश भी करती है। फिल्म का फर्स्ट हाथ दर्शकों को बंधता है लेकिन सेकंड हाफ में कहानी बिखरती और हिली-डुली नजर आती है। साथ ही फिल्म के स्क्रीनप्ले को भी काफी बेहतर किया जा सकता था।

एक्टिंग-

फिल्म में सिर्फ और सिर्फ कंगना पर फोकस किया गया है। नो डाउट उनकी एक्टिंग काफी अच्छी है। लेकिन अगर उन्हें छोड़ दिया जाए तो किसी और कैरेक्टर की एक्टिंग याद ही नहीं आती है। बेशक कास्टिंग यहां काफी कमजोर रही है जिसे और बेहतर किया जा सकता था।

म्यूजिक-

फिल्म का म्यूजिक तो पहले ही रिलीज हो चुका है जो कि कोई खास कमाल नहीं दिखा पाया है। वहीं फिल्म का सबसे उम्दा सॉन्ग 'सिंगल रहने दे' आखिरी में क्रेडिट देते वक्त रखा गया है। इसका बैकग्राउंड स्कोर भी ओके है।

देखें या नहीं-

कुल मिलाकर कंगना रनौत की 'सिमरन' एक कमजोर फ़िल्म है। अगर आप हार्डकोर कंगना रनौत के फैन हैं तो ही आप यह फ़िल्म देखने जा सकते हैं, अन्यथा आप दूसरा ऑप्शन तलाश कर सकते हैं।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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