राजनीति

MP: कांग्रेस के 'घोषणा पत्र' पर विवाद, RSS को बैन करने पर BJP ने किया कड़ा विरोध

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1698
| नवंबर 11 , 2018 , 18:14 IST

चुनाव का सीजन आते ही वादों का सिलसिला शुरू हो जाता है। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने कुछ ऐसा वादा कर दिया है जिसे राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस ने शनिवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस के इस घोषणा पत्र को 'वचन पत्र' कहा जा रहा है। दिलचस्प है कि कई दूसरी चीजों के साथ कांग्रेस ने अपने इस घोषणा पत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर पाबंदी लगाने का भी वादा किया है। इस घोषणा पत्र के इस बिंदु को लेकर बीजेपी ने उस पर बड़ा हमला बोला है।

कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या लिखा है?

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लिखा है कि सरकारी ऑफिसों में RSS की शाखाएं नहीं लगने देंगे। कांग्रेस ने यह भी लिखा है कि शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के लिए जारी अपने घोषणा पत्र में व्यापम घोटाले की परीक्षाओं में पिछले 10 सालों में शामिल हुए लाखों उम्मीदवारों का शुल्क वापस लौटाने का वादा किया है। साथ ही कांग्रेस का वादा है कि व्यापम को बंद कर दिया जाएगा।

शनिवार को 112 पन्नों के कांग्रेस के इस वचन पत्र में पार्टी की ओर से प्रदेश के हर वर्ग के लिए तमाम वादे किए गए हैं। बीजेपी ने वचन पत्र में कांग्रेस के इस वादे, 'अगर वो सत्ता में आई तो सरकारी इमारतों और उनके परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा नहीं लगने देगी।' पर आपत्ति जताई है।

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस को इस पर घेरते हुए कहा, 'ऐसा लगता है इन दिनों कांग्रेस का केवल एक ही मकसद है, 'मंदिर नहीं बनने देंगे, शाखा नहीं चलने देंगे'

वहीं बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'कांग्रेस ने संघ पर प्रतिबंध लगाने का वचन दिया है! अच्छा होता, अगर वो सिमी जैसे आतंकवादी संगठनो पर प्रतिबंध लगाते। पर वहां क्यों लगाएंगे, आपकी राजनीति तुष्टिकरण और वोटबैंक की ही जो है। जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी।

कांग्रेस के वचन पत्र में सरकार भवनों में RSS शाखा लगाने पर रोक का वादा

दरअसल कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कहा है कि वो यहां सरकार बनने पर सरकारी भवनों में आरएसएस की शाखा लगाने पर रोक लगेगी। साथ ही इसमें सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने के पूर्व के आदेश को भी रद्द करेगी।

कांग्रेस मध्य प्रदेश में बीते 15 वर्षों से सत्ता से दूर है। इसलिए उसकी कोशिश है कि वो हर हालत में चुनाव में शिवराज सरकार को उखाड़ फेंके। इसे सच साबित करने के लिए खुद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जहां लगातार राज्य के दौरे कर रहे हैं वहीं सरकार को घेरने के लिए कमलनाथ समेत पार्टी के बड़े नेता सार्वजनिक तौर पर सबके सहयोग की बात कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को एक ही चरण में मतदान होना है। इसी दिन पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम में भी वोटिंग होगी। एमपी समेत पांचों चुनावी राज्यों में 11 दिसंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे।


कमेंट करें