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अमेरिका में मुहाजिरों ने शुरू किया "फ्री कराची" कैंपेन का विज्ञापन

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 20 , 2018 , 15:57 IST

पाकिस्तान के बुरे दिन चल रहे हैं इसका उदाहरण हमेशा देखने को मिलता रहता है, लेकिन इस बार मुहाजिरों के एक समूह ने अमेरिका में 'फ्री कराची' कैंपेन की शुरुआत की। इस समूह का कहना है कि उनके समुदाय के लोगों पर स्थानीय सरकार द्वारा अत्याचार किया जा रहा है।

समूह एक मिनी ट्रक के साथ करीब 6 कैब 'फ्री कराची' बैनर के साथ मार्टिन लूथर परेड में हिस्सा लिया। इतना ही नहीं इस तरह की कैंपेन के पोस्‍टर्स लंदन से लेकर जिनेवा तक दिखाई दिए हैं।

मुहाजिरों की राजनीतिक पार्टी मुताहिदा कवामी मूवमेंट के संयोजक नदीम नूसरत ने कहा, 'हम चाहते हैं कि कराची को इस्लामाबाद के नियंत्रण से बाहर किया जाए। हम चाहते हैं कि कराची को सुरक्षा बलों से मुक्त किया जाए। हम कराची के लोगों के लिए मानवाधिकारों की मांग करते हैं।'

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प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि वे इस संबंध में कांग्रेस के सदस्यों से सम्पर्क करेंगे और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति ट्रंप के सामने भी इस मांग को उठाएंगे।

मुहाजिर उन लोगों को कहा जाता है जो भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के बाद 1947 में भारत को छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे। इन लोगों में काफी संख्या में ज्यादातर लोग सिंध प्रांत में रहने लगे थे।

फ्री कराची कैंपेन को लेकर पाकिस्‍तान गाहे-बगाहे भारत को जिम्‍मेदार ठहरा रहा है। पाकिस्‍तान के राजदूत का कहना है कि उनके देश के लोग इस तरह की कैंपेन का हिस्‍सा नहीं हैं। बल्कि यह एक साजिश के तहत पूर्वी देश कर रहे हैं। पाकिस्‍तान का यह भी कहना है कि इस तरह की कैंपेन किसी के अपने ही एजेंडे के तहत चलाई जा रही है।

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ऐसा कौन कर रहा है फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्‍होंने इसके पीछे भारत का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा इसी ओर था। बलूचिस्‍तान को लेकर भी पाकिस्‍तान बार-बार सफाई देता रहा है। पाकिस्‍तान के मुताबिक बलूचिस्‍तान में वहां की चुनी गई सरकार है। इसके अलावा देश की सरकार वहां के विकास पर पूरा ध्‍यान दे रही है।

बहरहाल, यहां पर एक बात बेहद साफ है कि हाल ही में पाकिस्‍तान और अमेरिका के बीच बनी मतभेदों की खाई को फ्री कराची कैंपेन ने और बड़ा करने का काम जरूर किया है। इसके अलावा इसका पूरा फायदा फ्री कराची कैंपेन या फ्री बलूचिस्‍तान कैंपेन चलाने वाले संगठन उठा रहे हैं।

बलूचिस्‍तान की बात करें तो पिछले माह न्‍यूयॉर्क में ही कई टैक्सियों पर इसको लेकर फ्री बलूचिस्‍तान के पोस्‍टर्स दिखाई दिए हैं। बलूचिस्‍तान के मुद्दे पर कई बार सार्वजनिक तौर पर अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शनों को सभी ने देखा है। अब फ्री कराची कैंपेन से पाकिस्‍तान की हवाइयां उड़ गई हैं।


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