राजनीति

हज सब्सिडी: मुसलमान नेता बोले- सब्सिडी हमें नहीं Air India को मिलती थी

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
482
| जनवरी 16 , 2018 , 20:51 IST

नरेंद्र मोदी की सरकार ने हज सब्सिडी को खत्‍म करने की घोषणा की है। केंद्र सरकार ने कहा कि इस रकम का इस्‍तेमाल शिक्षा क्षेत्र में किया जाएगा। हालांकि, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सरकार के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। गरीब नवाज फाउंडेशन के अध्‍यक्ष मौलाना अंसार रजा ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को जिस तरह खौफजदा करने की कोशिश ठीक बात नहीं है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को धीमा जहर देकर मारने का प्रयास किया जा रहा है। यह कतई उचित नहीं है।

वक्त से पहले खत्म किया गया सब्सिडी-मीम अफजल

कांग्रेस नेता मीम अफजल ने कहा कि सरकार ने वक्‍त से पहले हज सब्सिडी को खत्‍म करने का फैसला लिया है। उनके मुताबिक, मोदी सरकार ने यह निर्णय लेकर स्‍पष्‍ट संकेत दे दिया है कि धार्मिक आधार पर मिलने वाली रियायतों को समय से पहले खत्‍म कर दिया जाएगा। वहीं मुस्लिम नेता असउद्दीन औवेसी ने कहा है कि मोदी सरकार को ज्यादा बैंड-बाजा बजाने की जरूरत नहीं है, 2012 में ही सुप्रीम कोर्ट हज सब्सिडी पर फैसला सुना चुकी है।

राज्‍यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भी हज सब्सिडी खत्‍म करने के फैसले पर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्‍होंने कहा, ‘सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय अवधि से चार साल पहले ही हज सब्सिडी खत्‍म करने का फैसला किया है। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है। भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पहले हिस्‍से को लागू कर दिया है। हम इस बात को लेकर पूरी तरह आश्‍वस्‍त हैं कि आदेश का दूसरा हिस्‍सा भी जल्‍द ही अमल में लाया जाएगा। मैं स्‍पष्‍ट कर दूं कि सब्सिडी से हाजी नहीं बल्कि एयरलाइन कंपनियों को फायदा होता था।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा- एअर इंडिया को मिल रही थी सब्सिडी

ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने हज यात्रियों को दी जाने वाली सरकारी सब्सिडी को खत्म किए जाने पर मंगलवार को कहा कि अब तक अनुदान के नाम पर मुसलमानों के साथ धोखा किया जा रहा था और इस निर्णय का कोई मतलब नहीं है। ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने हज सब्सिडी को खत्म किए जाने के बारे में पूछने पर ‘भाषा’ को टेलीफोन पर बताया कि सरकार दरअसल, हज यात्रियों को नहीं बल्कि घाटे में चल रही एयर इण्डिया की मदद के लिए सब्सिडी दे रही थी। यह एक छलावा था। सब्सिडी के नाम पर मुसलमानों के साथ सिर्फ धोखा किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि हज सब्सिडी बुनियादी तौर पर एयर इण्डिया के लिए हुआ करती थी, हाजियों के लिए नहीं। आम दिनों में सऊदी अरब आने-जाने का टिकट 32 हजार रुपए में मिलता है जबकि एयर इण्डिया हज के वक्त किराए में बेतहाशा बढ़ोत्तरी करते हुए हाजियों से 65 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक वसूलती है। अगर बगैर किसी सब्सिडी के हाजियों से किराया लिया जाए तो वह कम होगा।


कमेंट करें