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...जब भारतीय नौकर अब्दुल को दिल दे बैठीं Queen विक्टोरिया...

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 14 , 2018 , 19:37 IST

15 अगस्त 1947 को आजाद हुए हमारे देश की आजादी को लेकर यूं तो क्रांति के कई किस्से हैं लेकिन न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया आपको ऐसी कहानी से रुबरु करवाने जा रहा है जिसके बारे में बहुत कम भारतीय जानकारी रखते हैं। ये कहानी किसी संघर्ष की नहीं बल्कि एक महारानी और उसके नौकर के बीच बेहद गहरे प्रेम संबंध की है। 

ब्रिटेन की महारानी क्वीन विक्टोरिया और उनके भारतीय नौकर हाफिज़ मुहम्मद अब्दुल करीम उर्फ अब्दुल के बीच प्रगाढ़ प्रेम संबंध थे, लेकिन अब्दुल और विक्टोरिया के प्रेम संबंधों को इतिहास से हमेशा के लिए गायब करने की कोशिश की गई। दोनों के रिश्‍ते एक जमाने में इतने नजदीक पहुंच गए थे कि पूरा ब्रिटिश शाही परिवार इसे लेकर परेशान हो गया था।

महारानी विक्टोरिया और अब्दुल करीम उर्फ अब्दुल की तस्वीर

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आखिर कौन था मुहम्मद अब्दुल करीम उर्फ अब्दुल? 

ब्रिटेन के शाही परिवार में द मुंशी के नाम से मशहूर हाफिज़ मुहम्मद अब्दुल करीम उर्फ अब्दुल को भारत से क्वीन विक्टोरिया के अर्दली के तौर पर ब्रिटेन भेजा गया था। 

1863 में झांसी के पास ललितपुर में हाफिज़ मुहम्मद अब्दुल करीम उर्फ अब्दुल का जन्म हुआ था। अब्दुल के पिता आगरा के अस्पताल में एक अस्टिटेंट के तौर पर काम किया करते थे। पिता आगरा में थे लिहाज़ा अब्दुल भी उन दिनों अागरा पहुंचा और वहां जावरा के नवाब के यहां वकील की नौकरी करने लगा। अब्दुल का मन यहां नहीं लगा और कुछ दिनों बाद वो पिता की सिफारिश पर आगरा जेल में क्लर्क की नौकरी करने लगा। 

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कैसे हुई क्वीन विक्टोरिया और हाफिज़ मुहम्मद अब्दुल करीम की मुलाकात?

प्रचलित तथ्यों के मुताबिक आगरा जेल से कुछ बुनकर कैदियों की कला को दिखाने के लिए उन्हें खासतौर पर ब्रिटेन भेजा गया था। अब्दुल को भी इन कैदियों के साथ ब्रिटेन जाने और महारानी से मिलने का सौभाग्य मिला। कहा जाता है कि क्वीन विक्टोरिया को भारत और उसके लोगों से खासा लगाव था और इसी वजह से उन्होने कैदियों के साथ ब्रिटेन आए अब्दुल को अपने अर्दली के तौर पर रखने के आदेश दिए जिसे भारतीय अधिकारियों ने फौरन मान लिया और अब्दुल महारानी विक्टोरिया का पर्सनल सहायक बन गया। कहते हैं क्वीन विक्टोरिया को पहली नज़र में ही हाफिज़ मुहम्मद अब्दुल करीम उर्फ अब्दुल बेहद पसंद आया था और यही वजह थी कि उसकी तैनाती महारानी के अर्दली के तौर पर ब्रिटेन में करने के आदेश पारित किए गए।

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महारानी की डायरी से मिले मोहब्बत की सबूत

1887 में क्वीन विक्टोरिया ने अपनी डायरी में लिखा कि वो (अब्दुल) लंबा, जवान और हमेशा मुस्कुराने वाला नवयुवक है।

3 अगस्‍त 1887 के अपने नोट में महारानी ने लिखा कि वह हिंदुस्‍तानी भाषा के कुछ शब्‍द सीख रही हैं ताकि वह अपने नौकरों से बेहतर तरीके से बात कर सकें। 
30 अगस्‍त 1887 के नोट में क्वीन विक्टोरिया ने लिखा कि अब्दुल उन्हें उर्दू भाषा सिखा रहा है। 

महज़ 2 महीने में ही मामूली अर्दली से क्वीन का मुंशी बन चुका था अब्दुल, फरवरी 1888 के एक नोट में महारानी ने लिखा कि अब्दुल बेहतर तरीके से कामचलाऊ अंग्रेजी सीख रहा है ताकि दोनो के बीच में बेहतर संवाद हो सके। जैसे जैसे वक्त बीत रहा था अब्दुल महारानी विक्टोरिया के बीच प्यार परवान चढ़ रहा था। जल्द ही अब्दुल का प्रमोशन हो गया और वो मुंशी से इंडियन सेक्रेटरी बना दिया गया। लेखक श्रावनी बसु के हाथ कुछ खास खत लगे जिसमें अब्दुल और क्वीन के बीच चुंबन (kisses) के आदान प्रदान का भी जिक्र किया गया है। ये खत खुद विक्टोरिया ने लिखे थे जिससे पता चलता है कि दोनों के बीच बेहद गहरे संबंध बन चुके थे। 

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विक्टोरिया की मौत के बाद भारत भेज दिया गया अब्दुल

22 जनवरी 1901 को क्वीन विक्टोरिया की मौत के बाद अब्दुल को फौरन भारत भेज दिया गया। कहते हैं शाही परिवार रानी और अब्दुल के संबंधों की वजह से बेहद खफा था लेकिन महारानी के जिंदा रहते अपने विरोध को पुरजोर तरीके से व्यक्त नहीं कर पाया। भारत आने के बाद अब्दुल ने बाकी जिंदगी आगरा में बिताई और महारानी को लेकर बेहद साफगोई से कई नोट लिखे। शाही परिवार ने विक्टोरिया की ओर से अब्‍दुल को लिखे गए कुछ निजी खतों को नष्‍ट करने का आदेश दे दिया था। यह आदेश क्‍वीन विक्‍टोरिया के बेटे और नए किंग एडवर्ड ने दिए थे। बताया जाता है कि इन खतों में ही विक्‍टोरिया और अब्‍दुल के रिश्‍तों के सारे रिकॉर्ड दर्ज थे।   

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अब भी सुर्खियां बनते हैं क्वीन और अब्दुल के संबंध 

यूं तो क्वीन की मौत हुए एक सदी से ज्यादा वक्त बीत चुका है लेकिन क्वीन और अब्दुल के संबंधों को आज भी याद किया जाता है। दोनों की प्रेम कहानी पर कई किताबें भी पब्लिश हो चुकी हैं। यूके में रहने वाली भारतीय मूल की लेखिका श्रावनी बसु ने दोनों के रिलेशन पर विक्‍टोरिया एंड अब्‍दुल के नाम से किताब भी लिखी है।
 विक्‍टोरिया और अब्‍दुल के रिश्‍ते पर एक फिल्‍म भी बन चुकी है। इस फिल्‍म का नाम भी श्रावनी बसु के उपन्‍यास के नाम पर विक्‍टोरिया एंड अब्‍दुल ही था। फिल्‍म में अब्‍दुल का रोल अभिनेता अली फजल, जबकि विक्‍टोरिया का रोल जुडी डेंच ने निभाया था।  

यहां देखें विक्टोरिया और अब्दुल फिल्म का ट्रेलर 


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