राजनीति

बच्चों की मौत पर विधानसभा में हंगामा, तेजस्वी ने कहा- शराबी नेता को बचा रही है बीजेपी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 27 , 2018 , 15:35 IST

मुजफ्फरपुर में 9 बच्चों की मौत को लेकर मंगलवार को बिहार विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल ने मुजफ्फरपुर में 24 फरवरी को वाहन से बच्चों को कुचलने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज बैठा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। इसके कारण भोजनावकाश से पूर्व कोई काम नहीं हो सका और विधानसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई।

विधानसभा में कार्यवाही शुरू होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर में भाजपा के महामंत्री मनोज बैठा ने नशे की स्थिति में अपने वाहन से 35 बच्चों को कुचल दिया था, जिसमें नौ बच्चों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मनोज बैठा को अपनी पार्टी का सदस्य मामने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के नेता मनोज बैठा को बचाने में लगे हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा के लोग आरोपी को गिरफ्तारी से बचा रहे हैं ताकि कुछ दिन बीत जाने के बाद जब उसके रक्त की जांच हो तब उसमें शराब पीने का प्रमाण नहीं मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए कि राज्य में जब पूर्ण शराबबंदी लागू है तब भाजपा नेता कैसे शराब पी रहे हैं और गाड़ी चला रहे हैं। राज्य में शराब की बिक्री कहां से हो रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस विषय पर सदन में तुरंत चर्चा होनी चाहिए। इसलिए इससे संबंधित कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाए। उन्होंने भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेताओं पर सत्ता तथा शराब के नशे में चूर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र लोक-लाज से चलता है, लेकिन लगता है कि भाजपा-जदयू के नेताओं में लोक-लाज मिट चुकी है। सरकार की तरफ से एक भी मंत्री पीड़ितों के परिवार से मिलने नहीं गया है। इस तरह जब देश के दुश्मनों से मुकाबला करते हुए जवान शहीद हुए तब भी कोई मंत्री उनके परिवार से मिलने नहीं गया था।

राजद सदस्य कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर करने की मांग को लेकर अपनी सीट से ही शोरगुल करने लगे। इस पर सभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने ठीक कहा है। लोकतंत्र नियम-कायदे से चलता है। कार्यस्थगन के लिए कार्य संचालन नियमावली में प्रावधान बने हुए हैं। उसी के तहत उसे लाया जाना चाहिए। नियम के तहत यदि इसे लाया जाता है तो सरकार उस पर जवाब देने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने राजद सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया।


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