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मुजफ्फरपुर कांड: SC की नीतीश सरकार को फटकार, पूछा- NGO को पैसा देने से पहले की थी जांच?

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अगस्त 7 , 2018 , 16:27 IST

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार को जमकर फटकार लगाई है। मंगलवार को कोर्ट ने सवाल किया कि अभी तक अधिकारी क्‍या कर रहे थे और किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई क्‍यों नहीं हुई है? कोर्ट ने आगे कहा कि आप ऐसे लोगों को टैक्स पेयर्स का पैसा दे रहे थे, ये सब सरकारी अनुदान से चल रहा था।

फंड जारी करने से पहले सरकार को जांच करनी चाहिए

कोर्ट की ओर से कहा गया कि बिना उन संस्थाओं की जांच किए आप लोग इन्हें जनता का पैसा दे रहे थे। न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) ने कोर्ट को बताया कि करीब 110 संस्थाओं को अनुदान दिया जा रहा था, जिनमें से 15 के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं। फंड जारी करने से पहले सरकार को इसके बारे में जांच करनी चाहिए थी। इस मामले के सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2 अगस्त को इसका स्वत: संज्ञान लिया था। उधर राज्‍य सरकार की अनुशंसा के बाद इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है।

कोर्ट की फटकार के बाद सरकार का जवाब

कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने कहा कि वह वक्त-वक्त पर सोशल ऑडिट करती है, कुछ बुरे अफसर भी होते हैं। इस पर कोर्ट ने पूछा कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने घटना की जांच में विलंब पर भी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने मामले की जांच रिपोर्ट भी मांगी। कोर्ट ने सवाल किया कि अभी तक अधिकारी क्‍या कर रहे थे और किसी बड़े अधिकरी पर कार्रवाई क्‍यों नहीं हुई है।

NGO के फंड से लेकर ठाकुर के राजनीतिक रिश्तों तक

इसके पहले जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य और केंद्र सरकारों से तीन हफ्ते के भीतर जवाब मांगा था। कोर्ट ने पीड़ित लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो दिखाने पर भी आपत्ति जताई थी। इस मामले पर आज सुनवाई हुई। मुजफ्फरपुर बालिका गृह की 34 लड़कियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है, जिसके बाद ये मामला देशभर में चर्चा का विषय बना है। बालिका गृह के संरक्षक ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके NGO के फंड से लेकर ठाकुर के राजनीतिक रिश्तों की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि ब्रजेश ठाकुर के राज्य के नेताओं और रसूखदार लोगों के संपर्क हैं।

कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने कहा कि वह वक्त-वक्त पर सोशल ऑडिट करती है, कुछ बुरे अफसर भी होते हैं। इस पर कोर्ट ने पूछा कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

NCRB के आंकड़े

आपको बता दें कि NCRB के आंकड़े बताते हैं कि हर 6 घंटे में एक लड़की रेप का शिकार हो रही है। इनमें मध्यप्रदेश अव्वल है, जहां 4000 रेप होते हैं। फिर उत्तर प्रदेश में दो हजार रेप।

गौरतलब है कि बालिका गृह की 34 लड़कियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। जिसके बाद ये मामला देशभर में चर्चा का विषय बना है। बालिका गृह के संरक्षक ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके एनजीओ के फंड से लेकर ठाकुर के राजनीतिक रिश्तों की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि ब्रजेश ठाकुर के राज्य के नेताओं और रसूखदार लोगों के संपर्क हैं।

इस मामला में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सीबीआई जांच पर सरकार खुद नजर बनाई हुई है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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