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इतनी बेहयाई! ब्रजेश सर के कमरे में जबरदस्ती सुलाती थीं आंटी,सुबह पैंट उतरी मिलती थी!

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 31
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| अगस्त 4 , 2018 , 18:10 IST

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का मामला बिहार से बाहर निकलकर दिल्ली आ गया है। बालिका गृह कांड में हुए यौन शोषण को लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को जंतर-मंतर पर धरना दिया। उधर, इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के कुकर्मों के बारे में नए खुलासे हुए हैं। ये सभी खुलासे दाखिल की गई चार्जशीट में से हुए हैं। इस मामले में 28 जुलाई को 16 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई।

चार्जशीट में पुलिस ने जो-जो बातें कही है उसे जानने के बाद मुजफ्फरपुर बालिका गृह के आरोपी ब्रजेश ठाकुर के कृत्यों का पता चल रहा है। बालिका गृह कांड में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक 34 लड़कियों के साथ रेप किए गए। ऐसा एक दिन नहीं गुजरता था, जब बेटियों की आबरू ना लूटी जाती हों। पोक्सो कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में 32 लड़कियों के बयान दर्ज हैं। हम आपको उनकी हर बात तो बता भी नहीं सकते लेकिन कुछ बातें सुनकर ही आप सन्न हो जाएंगे।

चार्जशीट के मुताबिक मुजफ्फरपुर बालिका गृह में एक कमरा था जिसका नाम 'ऑपरेशन थियेटर' था। बालिका गृह में शीरीरिक शोषण के बाद जब कोई बच्ची गर्भवती हो जाती थी तो उसका इस ऑपरेशन थिएटर में गर्भपात करा दिया जाता था।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह की पीड़ित लड़कियों ने बताया कि बालिका गृह में रात में सोने वक्त बिना कपड़ों के ही सोने के लिए कहा जाता था। विरोध करने पर ब्रजेश ठाकुर लड़कियों के प्राइवेट पार्ट्स पर लात से मारता था।

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चार्जशीट को चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शेल्टर होम का संचालक और मामले का मास्टरमाइंड ब्रजेश ठाकुर भी लड़कियों के साथ गलत काम करता था। एक लड़की ने पुलिस को बताया कि बालिका गृह की आंटियां जबरदस्ती उसे ब्रजेश ठाकुर के कमरे में सुलाती थीं। कमरे में भेजने से पहले उसे नशे की गोलियां दी जाती थीं। सुबह जब वो उठती थी तो उन्हें असहनीय दर्द होता था और उनकी पैंट उतरी होती थी

इतना ही नहीं नरक बन चुके इस बालिका गृह में लड़कियों को यौन शोषण से पहले 67 किस्म की नशीली दवाइयां और इंजेक्शन लगाए जाते थे। इससे लड़कियों को बेहोश किया जाता था। इसमें मिर्गी तक का इंजेक्शन शामिल था जिसे लगाते ही लड़कियां बेहोश हो जाती थी। इसके बाद लड़कियों के साथ बलात्कार किया जाता था।

फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई के एसपी जेपी मिश्रा के नेतृत्व में 12 अफसर इस कांड की जांच कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि उन लोगों के नाम सीबीआई कब उजागर करेगी जिसके पास इन बच्चियों को भेजा जाता था। इन सफेदपोशों के नाम कब उजागर होंगे ताकि मासूमों को न्याय मिल सकें।

 


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