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मरने के बाद भी सेना के इस अधिकारी ने की देश सेवा, दान किये शरीर के अंग

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 30 , 2017 , 12:58 IST

भारतीय नौसेना के एक युवा ऑफिसर के अंग दान ने 4 लोगों की जान बचा ली।भारतीय नौसेना के सब-लेफ्टिनेंट अतुल कुमार पवार बीती 24 सितंबर को सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। सिर पर गहरी चोटें आईं। तमाम कोशिशों के बाद भी उनकी चोटें रिकवर नहीं हो सकीं।

डॉक्टरों ने पवार के परिवार वालों से कहा कि अब उन्हें बचाया नहीं जा सकता है। हमें उन्हें ब्रेन डेड घोषित करना पड़ेगा। ऐसे नाजुक वक्त में परिवार के लोगों ने पवार के अंगों को दान करने का फैसला लिया। परिवार वालों ने कहा कि वो चाहते हैं कि उनके बेटे के न रहने पर भी उसके अंग किसी के काम आये पिता राजवीर पवार और पूरे परिवार की सहमति से अतुल के दिल, लिवर और दोनों किडनी दान कर दिए गए।

उनकी एक किडनी बेंगलुरु के एयरफोर्स हॉस्पिटल को भी दान की है, क्योंकि सब लेफ्टिनेंट पवार के परिवार की इच्छा थी कि उनका बेटा अपने जाने के बाद भी देश की सेवा करता रहे। एयरफोर्स हॉस्पिटल से ये किडनी अब किसी जवान के काम आ सकेगी। किडनी को बेंगलुरु तक पहुंचाने के लिए नेवल और सिविल पुलिस ने अस्तर मेडिसिटी से कोच्चि के नेवल बेस तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया।

भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट के जरिए किडनी को बेंगलुरु तक पहुंचाया गया। उनके अंग कोट्टायम, एर्नाकुलम, बेंगलुरु और एर्नाकुलम के अलग इंस्टीट्यूट को दान दिए गए। उनका दिल एक मरीज को ट्रांसप्लांट भी किया जा चुका है। अतुल का लीवर केरल के एक मरीज में ट्रांसप्लांट किया जाएगा। बाकी अंग जरूरत के हिसाब से अन्य मरीजों को ट्रांसप्लांट किए जाएंगे।इससे पहले वाइस एडमिरल एआर करवे ने उनको श्रद्धांजलि दी।

सब लेफ्टिनेंट पवार कोच्चि में आईएनएस द्रोणाचार्य के अंडर-ट्रेनी ऑफिसर थे। पंवार ने सिविल इंजीनियरिंग में बीई करने के बाद 15 जनवरी 2015 को इंडियन नेवी में बतौर शार्ट सर्विस कमीशन ऑफिसर ज्वाइन किया था। 24 सितंबर को त्रिशूर के पास चलाकुडी में सड़क हादसे के शिकार हो गए थे। अतुल का अंतिम संस्कार हरियाणा के रोहतक में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। इससे पहले वाइस एडमिरल एआर करवे ने उनको श्रद्धांजलि दी।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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