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30 साल पुराने मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 15 , 2018 , 13:49 IST

रोडरेज के दौरान गैर इरादतन हत्या के 30 साल पुराने केस में पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू पर एक हजार रुपए जुर्माना लगाया है।  

साल 1988 के रोडरेज के एक मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सिद्धू को आईपीसी की धारा 323 के तहत दोषी माना जाता है। न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने 18 अप्रैल को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सिद्धू ने दावा किया था कि गुरनाम सिंह की मौत की वजह के बारे में सबूत विरोधाभासी है। और मेडिकल राय भी अस्पष्ट है। इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिद्धू को तीन साल की कैद की सजा सुनाई थी। सजा के बाद सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

2006 में हाईकोर्ट ने बेशक सिद्धू और अन्य आरोपी रुपिंदर सिंह संधू को 3 साल की सजा सुनाई थी। पर 1999 ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों को बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराने के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सिद्धू अमृतसर से चुनाव लड़ पाए थे। 

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ये है पूरा मामला

अभियोजन के अनुसार सिद्धू और रुपिंदर सिंह संधू 27 दिसंबर, 1988 को पटियाला में शेरनवाला गेट चौरोह के पास सड़क के बीच में खड़ी जिप्सी में थे। उस समय गुरनाम सिंह और दो अन्य पैसे निकालने के लिए मारुति कार से बैंक जा रहे थे।

गुरनाम ने सिद्धू और संधू से जिप्सी को हटाने को कहा पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। सिद्धू और रुपिंदर सिंह संधू ने गुरनाम सिंह को बुरी तरह पीटा जिससे अस्पताल मे उसकी मौत हो गई।

न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष उपस्थित वकील सनराम सिंह सरों ने कहा कि साक्ष्य के अनुसार सिद्धू द्वारा मुक्का मारने से पटियाला निवासी गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी।

सरकार के मुताबिक निचली अदालत का यह निष्कर्ष गलत था कि गुरनाम सिंह की मौत ब्रेन हैमरेज से नहीं, बल्कि हृदय गति रुकने से हुई थी। इस बारे में एक भी सबूत नहीं है जिससे यह पता चल पाये कि मौत की वजह दिल का दौरा था।  वकील ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरनाम सिंह को मुक्का मारा था जिससे ब्रेन हैमरेज हुआ और उसकी मौत हो गई।


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